बलिया। शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की धीमी गति ने बिजली निगम की परेशानी बढ़ा दी है। अभी तक मात्र 21 हजार उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसके पीछे मीटर लगाने वाली कंपनी की लापरवाही सामने आने पर अधिशासी अभियंता द्वितीय ने नोेटिस जारी किया है। साथ ही तत्काल लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया है।
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर शुरुआती दौर में निगम की तरफ से काफी तेजी दिखाई गई। शहर के अंदर 45 हजार उपभोक्ताओं के घर व प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। निगम की तरफ से इसकी जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई है। स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां भी थीं। अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर योजना की शुरुआत भी कराई थी। लगभग पांच माह पहले स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। लेकिन गति धीमी होने से निगम की भी परेशानी बढ़ गई है। पूरे जिले में पहले चरण में डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। शहरी क्षेत्र में कार्य पूरा होने के बाद नगर पालिका व नगर पंचायत में लगाए जाएंगे। उसके बाद ग्रामीण क्षेत्र की योजना प्रस्तावित है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिजली की खपत की रियल टाइम जानकारी मिलेगी। इससे बिजली चोरी रोकने, बिल की त्रुटियां कम करने और ऊर्जा बचत में मदद मिलती है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिलिंग में होने वाली गड़बड़ियों से मुक्ति मिलेगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता नरेंद्र प्रकाश ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की गति धीमी होने पर कंपनी को नोेटिस भेजा गया है। जल्द से जल्द टारगेट को पूरा करने का निर्देश दिया गया है।