सहिया ग्राम में तटवर्ती इलाकों को छूता घाघरा का पानी।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तटवर्ती बाशिंदे बाढ़ की आशंका से सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को अपराह्न जलस्तर 64.300 मीटर दर्ज किया गया जो स्थिर है। नदी का पानी लाल निशान से 30 सेमी उपर बह रहा है। शनिवार की रात से ही नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई। जो रविवार के अपराह्न तक जारी रहा। जलस्तर स्थिर हो जाने से बाढ़ की आशंका फिलहाल टल गई है। घाघरा की प्रलयंकारी लहरें कहर बरपाने को आतुर है।
नदी का पानी कई ग्रामों से सटकर बह रहा है। जिससे लोग दहशत में है। हाहानाला और तुर्तीपार रेग्युलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बेल्थरा बाजार के गौतम बुद्ध घाट स्थित ठाकुर मंदिर की दीवार से टकराकर नदी की धारा बह रही है। वहीं तेजधारा के चलते शवदाह गृह की दीवारों में दरार पड़ गया है। कई तटवर्ती ग्राम बाढ़ के पानी से घिर गए है। चैनपुर गुलौरा, मठिया और सहिया में कटान हो रहा है। सहिया के यादव बस्ती और एतिहासिक रामलीला मंच के अस्तित्व पर संकट के बादल मड़राने लगे है। उधर बाढ़ का पानी देवरिया-बलिया मार्ग तक पहुंच गया है। नायब तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप ने बताया कि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को एलर्ट कर दिया गया है।