बलिया। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कराने के लिए केंद्रों की सूची जारी हुई है। इसमें जिले के छह राजकीय स्कूलों को ऐसे केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है जिनमें व्यवस्थाएं नहीं हैं। ये केंद्र बनने के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। आठ दिसंबर तक केंद्रों की फाइनल सूची जारी हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कराने के लिए गत दिनों जिले के सभी कॉलेजों का ब्योरा मांगा गया था। विभाग ने राजकीय, एडेड माध्यमिक व वित्तविहीन कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं को बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड कर दिया था। इसके बाद बीते रविवार को बोर्ड ने 167 प्रस्तावित केंद्रों की सूची जारी कर दी है। इनमें 11 राजकीय, 73 अशासकीय सहायता प्राप्त और 83 वित्त विहीन स्कूलों को शामिल किया है। विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों को इनमें रखा गया है, उनमें छह राजकीय स्कूलों में मानक पूरे नहीं हैं। जिले में पांच राजकीय स्कूल ऐसे हैं, जो केंद्रों के मानकों पर खरा उतरते हैं तो उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। सूची के छह राजकीय स्कूलों को हटाकर इनके स्थान पर दूसरे कॉलेजों को शामिल किया जाएगा। पहले आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद डीएम की अध्यक्षता में आयोजित केंद्र निर्धारण की बैठक में दूसरे कॉलेजों को सूची में शामिल कर बोर्ड को रिपोर्ट भेजी जाएगी। डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि केवल साफ-स्वच्छ छवि वाले स्कूलों को केंद्र बनाया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही केंद्रों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक केंद्रों की अंतिम सूची जारी होगी।
खराब छवि वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
इंदरपुर। मानक पूरे न करने वाले, खराब छवि वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। ऐसा निर्देश अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा है। निर्देशित किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक के अलावा अन्य स्रोतों से फीडबैक प्राप्त लिया जाए। ऑनलाइन प्रक्रिया से प्रस्तावित अंतरिम परीक्षा केंद्रों के परीक्षण एवं अनुमोदन की कार्रवाई 23 नवंबर तक पूर्ण करा कर यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए।