बांसडीह क्षेत्र के भोजपुरवा गांव की मिट्टी को काटती सरयू नदी की लहरें।संवाद
बैरिया। दियरांचल के गोपाल नगर टाड़ी में सरयू नदी के कारण कटान हो रही है। रविवार की रात सात लोगों के बचे-खुचे मकान नदी में समा गए। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि इस बार अब तक 103 मकान नदी में समा गए। लेकिन प्रशासन के रिकॉर्ड में 32 मकान ही डूबे हैं।
राजबली यादव, राम आशीष यादव, रोशन यादव, रतेंद्र यादव, विनोद यादव, भारत यादव और रमेश यादव के मकान नदी में समा गए। इनके मकानों का कुछ हिस्सा शनिवार की रात ही कटकर नदी में समा चुका था। शेष बचे हिस्से को भी रविवार रात सरयू ने अपने आगोश में ले लिया। उधर, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर सिवान, देवपुर, मानगढ़, शिवाल मठिया, चाई छपरा, अधिसिझुआ और बकुलहा के सामने भी नदी रुक-रुककर उपजाऊ जमीन काट रही है। ग्रामीणों के अनुसार कटान की वजह से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि लगातार नदी में समाती जा रही है। गोपाल नगर टाड़ी गांव का अस्तित्व ही समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया है।
कटान से हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। गैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक 103 लोगों के आशियाने सरयू नदी में विलीन हो चुके हैं, जबकि प्रशासन के आंकड़े में यह संख्या 32 है। बैरिया तहसील के नायब तहसीलदार उदय राज रत्ना ने बताया कि इस वर्ष कुल 32 लोगों के आशियाने सरयू नदी में समाहित हुए हैं। इनमें 30 पक्के और दो कच्चे मकान शामिल हैं। सभी कटान पीड़ितों को गृह अनुदान उपलब्ध करा दिया गया है। कुल 80 कटान पीड़ितों को राशन किट के साथ दो-दो तिरपाल भी उपलब्ध कराए गए हैं। तहसील प्रशासन की ओर से प्रतिदिन दोनों समय औसतन 300 लोगों को पका-पकाया भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।