बलिया। कोरोना संक्रमण के दौर में जब प्रदेश के जिलों को पीपीई किट की कमी से जूझना पड़ रहा था, उस समय जिले में एमबीबीएस के बाद आईएएस बने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट डॉ. विपिन जैन और उनकी टीम ने दुनिया में पीपीई किट का अध्ययन करने के बाद एक मानक तैयार किया और जिले के खालसा बैग हाउस के सहयोग से पीपीई किट तैयार कराया। यहां बने पीपीई किट का ही परिणाम रहा है जनपद में कोई स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित नहीं हुआ। इस पीपीई किट को लेकर प्रदेश में चर्चा भी हो रही है। इससे उत्साहित जिलाधिकारी ने फर्म के प्रोपराइटर को सम्मानित करने की बात कही है।
पांच अप्रैल को 30 मरीजों के लिए जिले में एक एल-1 फैसिलिटी का अस्पताल तैयार करने की घोषणा जिला प्रशासन ने की थी। मरीजों की देखभाल के लिए 25-25 लोगों की दो टीमें तैयार की गई थीं। उसी दिन जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विपिन जैन, अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया था कि देश व प्रदेश में पीपीई किट की अनुपलब्धता को देखते हुए खालसा बैग हाउस के प्रोपराइटर सुरेंद्र सिंह छाबड़ा के सहयोग से पीपीई किट तैयार कराई है। अधिकारियों ने बताया था कि स्थानीय स्तर पर तैयार पीपीई किट के मानकों पर पूरी तरह से खरा है जो मेडिकल टीम की सुरक्षा में कारगर साबित होगा। इसका असर नजर आया और इसी पीपीई किट के सहारे अबतक मेडिकल स्टाफ सुरक्षित हैं। जबकि अन्य जिलों में चिकित्साकर्मियों के संक्रमित होने की खबरें आती रही। वर्तमान में जिले में 49 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक कर घर जा चुके हैं।
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ड्यूटी के लिए तीसरी टीम भी तैयार
बलिया। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए बनाए गए एल-1 फैसिलिटी सेंटर में ड्यूटी करने के लिए तीसरी टीम भी तैयार हो चुकी है। संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन की देखरेख में कलेक्टेट सभागार में इस टीम के कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। इनको ड्यूटी के दौरान क्या करना है और क्या सावधानी बरतनी है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया। जैन ने कहा कि इस महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई में मेडिकल स्टॉफ का रोल काफी अहम रहा है। इससे पहले दोनों टीमों ने बेहतर काम किया है।