रसड़ा। एआरएफ सेंटर के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर नपा अध्यक्ष मोतीरानी सोनी व ईओ का प्रभार संभाल रहें उपजिलाधिकारी मोती लाल यादव आमने सामने आ गये है। मामला इतना िबगड़ गया कि एसडीएम ने मानक की अनदेखी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य करा रहे ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कारवाई का निर्देश देते हुए संबधित पत्रावली को तलब किया।
पहले तो नगरपालिका के बाबू प्रदीप गुप्ता ने सम्बन्धित पत्रावली को दबा दिया, लेकिन एसएम के तल्ख तेवर देख पत्रावली के साथ हाजिर हुए। इसके अलावा बाबू ने चौदह पत्रावलियां को जेई के पास से लाकर दिया। अवलोकन के दौरान एसडीएम ने पाया गया कि 38 पत्रावलियां निर्माण कार्य के संबंध में ऐसी हैं, जिनको बहुत दिनों से लंबित कर रखा गया है। इतना ही नहीं सभी पत्रावलियों में भारी विसंगतियां दिखी। उपजिलाधिकारी ने पत्रावलियों पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया। इस बाबत नपा कार्यवाहक अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी ने उपजिलाधिकारी की आरोपों को बेबुनियादी बताया। कहा की एआरएफ का टेण्डर ऑनलाइन हुआ था। बनाने वाला ठेकेदार लखनऊ का है। जेई की जांच में कुछ अनियमितता पाये जाने पर उनका भुगतान रोक कर फिर से कार्य करने को कहा गया है। फाइलों में अनियमितता पर कहा की सभी विकास कार्यो का जेई द्वारा जांच कर फाइल भेजी जाती है।