मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
बलिया। मौसम में बदलाव के साथ जिले में मौसमी बीमारियों का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। रविवार को जिले के ग्रामीण क्षेत्र के 79 और शहरी क्षेत्र के दो स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में इलाज कराने के लिए 1901 मरीज पहुंचे।
इनमें सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, बुखार, पेट दर्द, त्वचा रोग और जोड़ों में दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ बचाव के उपाय भी बताए। गंभीर स्थिति में एक मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर किया गया। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चों पर भी दिखाई दिया। मेले में 251 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया। चिकित्सकों ने बच्चों के अभिभावकों को खानपान और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा सहित क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में कुल 98 मरीजों की निशुल्क जांच हुई। इनमें पीएचसी मुरली छपरा में 59, न्यू पीएचसी लालगंज में 11, न्यू पीएचसी टोला सिवन राय में 16 और न्यू पीएचसी कर्ण छपरा में 12 मरीजों का उपचार किया गया। यहां सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज अधिक पहुंचे।
प्रभारी चिकित्साधिकारी मुरली छपरा डॉ. देवनीति सिंह ने बताया कि वर्तमान में एच-1 और एन-1 फ्लू का लक्षण देखने को मिल रहा है। ऐसे में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच कर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों को साफ अथवा गुनगुना पानी पीने, गरारा करने और बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी। फ्रिज में रखा पुराना भोजन खाने से भी बचने को कहा। आरोग्य मेले के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग लोगों को उनके नजदीकी केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार और परामर्श उपलब्ध करा रहा है।