बलिया। बांसडीह तहसील के ताजपुर मुड़ियारी इंटर कालेज में एमडीएम मामले में अभी कार्रवाई का हर किसी को इंतजार है। ऐसे में बेसिक विभाग ने सभी विद्यालयों को प्रेरणा पोर्टल पर बच्चों का भोजन करते हुए जीपीएस फोटोग्राफ्स भेजना अनिवार्य किया गया है। वह भी फोटो इस तरह का होना चाहिए जिसमें बच्चों की संख्या का अनुमान लग सके। इसको लेकर शुक्रवार को बीएसए ने सख्त निर्देश जारी किया है। निर्देश में कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना के में शासन की तरफ से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को पका पकाया भोजन मीनू के अनुसार एवं उसके सापेक्ष कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। समय-समय पर विभागीय एवं अन्य विभाग द्वारा नामित अधिकारियों द्वारा उक्त विद्यालयों का निरीक्षण किया जाता है। अधिकारीगण द्वारा किए गए निरीक्षणों में विद्यालय के मध्याह्न भोजन पंजिका का अवलोकन करने पर प्रायः यह पाया जा रहा है कि निरीक्षण की तिथि में उपस्थित छात्र संख्या के सापेक्ष पूर्व की तिथियों में एमडीएम पंजिका में अधिक छात्रों का अंकन प्रदर्शित हो रहा है। जिस कारण से धोहस्ताक्षरी एवं उच्चाधिकारीगण के सम्मुख विद्यालयों के खिलाफ एमडीएम के सम्बन्ध में शिकायत भी प्राप्त होती रहती है। ऐसे में समस्त अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय के प्रबन्धक / प्रधानाध्यापक विद्यालय में अध्ययनरत समस्त छात्रों का मध्याह्न भोजन ग्रहण करते समय का प्रत्येक दिन का जीपीएस फोटोग्राफ्स, जिसमें विद्यालय में उपस्थित छात्रों की संख्या प्रमाणित हो सकें। साथ ही मध्याह्न भोजन का विवरण प्रत्येक माह के अंत में प्रत्येक दिवस की जीपीएस फोटोग्राफ्स के साथ संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत करने के साथ ही यू-डायस प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालय की तरफ से अपलोड करना अनिवार्य है।
बेसिक विभाग के एमडीएम संचालन से जुड़े कइयों पर कार्रवाई की तलवार
ताजपुर मुड़ियारी इंटर कॉलेज में मध्याह्न योजना की अनियमितता ने विभागीय निगरानी व्यवस्था ने पोल खोल दी है। अभी भी डीएम मंगला प्रसाद के निर्देश पर होने वाली विद्यालय से रिकवरी, प्राथमिकी दर्ज व विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। अभी तक पुलिस के पास तहरीर नहीं पहुंची है। इधर, अवकाश होने के कारण कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ताजपुर मुड़ियारी इंटर कालेज में दो साल से 200 बच्चों के एमडीएम की धनराशि विद्यालय परिवार गटक रहा था। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में करीब 14 लाख का मामला प्रकाश में आया है। ऐसे में डीएम ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। सरकार की तरफ से बच्चों के मामले में भोजन आदि को लेकर कई स्तर पर जांच कराई जाती है। दो साल से इस तरह से खेल को किसी ने नहीं पकड़ा। इसमें एमडीएम प्रभारी, बीईओ समेत अन्य कार्रवाई की जद में आ सकते है।
-बच्चों के भोजन के 14 लाख की अनियमितता में डीएम ने दिखाई सख्ती
बलिया। बांसडीह तहसील क्षेत्र के ताजपुर मुड़ियारी इंटर कॉलेज में एमडीएम योजना में 14 लाख रुपये की अनियमितता मामले में सभी की निगाह कार्रवाई पर टिकी हुई है। डीएम ने दो दिन पहले ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। इसके बाद भी अभी तक कार्रवाई न होने से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। डीएम की गठित टीम की जांच में विद्यालय के प्रधानाचार्य व बेसिक विभाग के अधिकारियों की मिली भगत प्रकाश में आया है। ताजपुर मुडिया़री इंटर कालेज में दो साल से बच्चों को एमडीएम का वितरण नहीं हो रहा था। बच्चों का बंद लिफाफा ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दिया। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह जांच रिपोर्ट के आधार पर रिकवरी, एफआईआर दर्ज कराने व विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिए है।
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वर्जन
ताजपुर मुडियारी इंटर कालेज बच्चों की एमडीएम में अनियमितता मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। डीएम की तरफ से रिकवरी, एफआईआर के साथ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए गए है।
-मनीष कुमार सिंह, बीएसए, बलिया।