ऑनलाइन बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए कॉलेजों के संचालकों ने सूचनायें दर्ज की थी। उसमें अधिकांश सूचनाएं गलत पायी गई है। ऐसे में इन विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण की करवाई करने से पहले कारण बताओ नोटिस दी गई है। यह मामला डीआईओएस की जांच में सामने आया है। अगर यही स्थिति रही तो इस बार बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारित करने में काफी दिक्कते आएगी।
बीते दिनों जिला विद्यालय निरीक्षक अमर नाथ राय ने कई उच्चतर माध्यमिक तथा इंटर कालेजों का औचक निरीक्षण किया था। जिसमें सभी विद्यालयों ने अपने बेबसाइट के माध्यम से सीसीटीवी और कमरों की संख्या अंकित कराया था। लेकिन डीआईओएस के निरीक्षण में विद्यालयों में तमाम खामियां मिली। कई विद्यालयों में तो बैठने लायक स्थिति नहीं रही। वहीं कुछ विद्यालयों के पास भवन के नाम पर कुछ भी नहीं था।
जबकि इस बार आनलाइन केंद्र बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिया था कि जहां सीसीटीवी कैमरे होंगे उन्हें ही बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। जबकि अधिकांश स्कूलों ने बोर्ड की प्रथम वरीयता वाले सीसीटीवी और कक्षों के बारे में कोई कार्रवाई तक नहीं की। करीब 80 फीसदी विद्यालयों ने बोर्ड के मानक को कागजों में तो पूरा कर दिया है। लेकिन उन्होंने अब तक सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगाया। परीक्षा के लिए कक्षों की संख्या भी बढ़ा दी गई। लेकिन निरीक्षण में कोई भी विद्यालय सौ फीसदी खरा नहीं उतरा है।
ऐसे में बोर्ड परीक्षा किन विद्यालयों पर कराई जाएगी। यह यक्ष प्रशभन बना हुआ है। हालांकि तीन दिन के भीतर ही डीआईओएस ने सभी विद्यालयों के प्रबंधक गणों से स्पष्टीकरण मांगा है। कारण न बताने की दशा में क्या इनके मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।