इसके अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित कहार, कुम्हार एवं भुर्जी जाति के कई लोगों ने अपने को गोंड व खरवार बताकर अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करवा लिया है। प्रमाण पत्र के आधार पर ये लोग अनुसूचित जाति का लाभ ले रहे हैं। ऐसे प्रमाण पत्रों की जांच कराकर जाति प्रमाण पत्र रद किया जाय। इसके साथ ही ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी की ओर से बैरिया उपजिलाधिकारी को भेजे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ऐसे जितने भी प्रमाण पत्र बने हैं उनकी जांच कराई जाए और यदि गलत बना है तो उसे रद किया जाए।
बता दें कि पिछले माह इब्राहिमाबाद निवासी श्यामबाबू का जाति प्रमाण पत्र फर्जी बताकर उन्हें एसडीएम के पद से हटा दिया गया है। हालांकि मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अब गोंड व खरवार जाति के सभी प्रमाण पत्रों की जांच होगी। जांच के बाद प्रमाण पत्र रद होंगे तो सैकड़ों युवकों की नौकरी पर तलवार लटक सकती है।
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने गोंड व खरवार जाति के प्रमाण पत्रों की जांच कराने का आदेश दिया है। अगर कुम्हार, कहार व भुर्जी जाति के लोगों द्वारा गोंड व खरवार जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करवाया गया होगा तो जाति प्रमाण पत्र रद करने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुरेश कुमार पाल, उप जिलाधिकारी, बैरिया।