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दिल्ली में हरिवंश दूसरी बार बने राज्य सभा के उपसभापति, बलिया में मना जश्न, लोगों ने बताया गौरवशाली क्षण 

Mon, 14 Sep 2020 09:12 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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हरिवंश नारायण सिंह को बधाई देते पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : RSTV
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बलिया जिले के निवासी हरिवंश नारायण सिंह के दूसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने की जानकारी मिलते ही पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके गांव के साथ ही पूरे जिले में लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई आदि खिलाकर खुशी मनाई। हरिवंश को दूसरी बार एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की ओर से उम्मीदावार बनाया गया था। सोमवार को राज्यसभा में उन्हें पुनः उपसभापति चुना गया।
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हरिवंश जी का जन्म 30 जून 1956 को पैतृक आवास दलजीत टोला (जयप्रकाश नगर) सिताबिदयारा में हुआ था । इनके पिता स्व. बांकेबिहारी सिंह व माता स्व. देवजानी देवी थीं। दलजीत टोला में जन्मे हरिवंश ने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षा गांव के सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की।

जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल करने के बाद वाराणसी के यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट पास किया। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक कर पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की।
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हरिवंश अप्रैल 2014 में जब राज्यसभा के लिए बिहार से चुने गए तो पत्रकारिता से मुंह मोड़ लिया। हरिवंश जी दो भाई हैं। इनके बड़े भाई रघुवंश नारायण सिंह सेवानिवृत्त अभियंता हैं। जीवन का अधिक समय रांची (झारखंड) में व्यतीत हुआ है।

 
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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह - फोटो : ANI

मैंने हरिवंश को प्रारंभिक शिक्षा दी थी। पढ़ाई के दौरान ही हरिवंश के पढ़ने का तौर-तरीका बहुत अलग था। किसी भी प्रश्न पर तर्क-वितर्क अवश्य करता था। इससे यह विश्वास था कि वह क्षेत्र सहित देश का नाम रोशन करेगा। आज उसके दोबारा सभापति बनने से कितनी खुशी हो रही है, उसे मैं शब्दों में नहीं बता सकता।
रामकुमार सिंह, सेवानिवृत शिक्षक

मैंने हाईस्कूल में हरिवंश को गणित पढ़ाया था। उस समय भी हरिवंश कक्षा में आगे बैठने का प्रयास करता था और पढ़ाई पर ध्यान देता था। विद्यालय में सबसे होनहार छात्र था। आज उसके दूसरी बार सभापति बनने पर सीना चौड़ा हो गया है। बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी वह जब भी गांव आता है, हमारे पास जरूर आता है।
सुरेश कुमार गिरी, सेवानिवृत्त शिक्षक

बीएचयू में बोलते राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह - फोटो : अमर उजाला

मेरे तो वे अभिभावक हैं। उनको देखकर मैं भी उन्हीं के बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करता हूं, यही वजह है कि गांव में मेरी पैठ है। मैं कई बार बिहार के हिस्से में पड़ने सिताब दीयारा का मुखिया बना हूं। आज उनके दोबारा उपसभापति बनने पर कितना खुश हूं बता नहीं सकता।
सुरेंद्र सिंह, मुखिया

हम लोगों के अभिभावक स्वरूप हरिवंश जी का जितना वर्णन किया जाए, वह कम होगा। वह अपने स्वभाव से बिना लालच के इस पद पर पहुंचकर हमारे क्षेत्र सहित पूरे जनपद का मान बढ़ा रहे हैं। इस खुशी को किन शब्दों में बयां करूं यह मुझे समझ नहीं आ रहा।
छठू सिंह, शिक्षक सेवानिवृत

 
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जयप्रकाश नारायण - फोटो : अमर उजाला

जेपी ने किया सबसे अधिक प्रभावित

हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे अधिक प्रभावित किया। बीएचयू से पत्रकारिता में डिप्लोमा के दौरान ही ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह मुंबई में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में 1977-78 में उनका चयन हुआ। इसके बाद वे टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग’ में 1981 तक उपसंपादक रहे।

1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की। 1984 में इन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और 1989 अक्टूबर तक ‘आनंद बाजार पत्रिका’ समूह से प्रकाशित ‘रविवार’ साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे। इसके बाद झारखंड और बिहार से प्रकाशित होने वाले ‘प्रभात खबर’ दैनिक से जुड़े और उपसभापति बनने तक उसके प्रधान संपादक रहे।
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