सिकंदरपुर। सरयू का पानी क्षेत्र में घरों में घुसने लगा है। खरीद दरौली घाट पर जाने वाले रास्ते पर भी पानी भर गया है जिससे आवागमन बंद हो गया है। किसानों की धान, मक्का, बाजरा, ज्वार के अलावा बोई गई सब्जी परवल, लौकी, भिंडी, नेनुआ, शकरकंद की फसल बर्बादी के कगार पर हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर जिस हिसाब से 15 दिन पहले बढ़ रहा था उससे लग नहीं रहा था कि इस बार पानी बढ़ेगा लेकिन एक अगस्त से सरयू नदी का पानी दिन रात बढ़ता ही जा रहा है। अब तो नदी का पानी सिकंदरपुर मनियर मार्ग से सटे गांव में घरों व दियारे मेें बने डेरे में घुसने लगा है। किसान अपने मवेशियों को दियारे में डेरा बनाकर रखते थे। आज उनको सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है और अपने जानवरों को डेरा से खोल कर बंधे पर शरण लिए हुए हैं। अब उनके जानवरों को खिलाने पिलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खरीद गांव निवासी राजकुमार यादव, मनन यादव, इंदल चौधरी, रामावत चौधरी, विद्या चौधरी, मोहन चौधरी, रामाशंकर यादव, बाबूलाल यादव, काशी यादव, राम विशुन यादव, लाल मोहन यादव आदि के खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। शेखपुर गांव निवासी भोला तुरहा ने लगान पर लेकर दो बीघा परवल की खेती की थी जो डूब गई। सुनील शर्मा, संतोष श्रीवास्तव, श्रीकांत गोंड लोगों का खेत भी पानी में डूब गया है। सरयू के जलस्तर में हो रहे लगातार बढ़ाव से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है।