बेल्थरारोड। खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली सरयू नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। जलस्तर में निरंतर वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। इसको लेकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग सहम गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 64.330 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 से 0.320 मीटर अधिक है। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। जबकि बृहस्पतिवार की शाम जलस्तर 64.250 मीटर दर्ज किया गया था। आयोग का कहना है कि एक से डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से बाढ़ की संभावना प्रबल है।
नदी का पानी गांवों की ओर कूच करने लगा है। हाहानाला, तुर्तीपार व हल्दीरामपुर रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। नदी की प्रकृति की निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी है।