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सरयू ने पार किया लाल निशान, बाढ़ को लेकर खौफ

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बेल्थरारोड। सरयू नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। पिछले 72 घंटे से जलस्तर में लगातार वृद्धि का क्रम जारी है। सोमवार को सुबह नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सरयू नदी के उफान पर आने से नदी के पानी ने गांव की ओर कूच कर दिया है। तुर्तीपार के माली बस्ती और दलित बस्ती के नजदीक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हाहानाला, टंगुनिया राजभर बस्ती से महज कुछ फीट की दूरी पर नदी का पानी बह रहा है। रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है।
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गुलौरा, मठिया आदि ग्राम बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नदी का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैल गया है। कुछ तटवर्ती स्थानों पर कटान हो रहा है। बाढ़ की आशंका को लेकर लोग खौफ़जदा हैं। उधर, बाढ़ प्रशासन स्वयं को सतर्क बता रहा है। दावा है कि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए राहत, बचाव के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक उपाय कर लिए गए हैं।
प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही घाघरा
बेल्थरारोड। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को दोपहर नदी का जलस्तर 64.050 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 मी. से 0.041 मी. अधिक है। आयोग का कहना है कि एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं।
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बढ़ते जलस्तर, बरसात से बीच में अटका कटानरोधी कार्य
जयप्रकाश नगर। क्षेत्र के बकुल्हा-संसारटोला तटबन्ध को सरयू नदी की बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से बीते चार माह से करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे कटानरोधी कार्य में बरसात व नदी का जलस्तर बाधक बन गया है। कार्य बीच में अटक गया है। यदि ऐसे ही मौसम रहा तो कटानरोधी कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में दहशत है।
विकासखंड मुरली छपरा के ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद नौबरार अठगांवा, चांददीयर, इब्राहिमाबाद उपरवार पंचायत पर करीब एक दशक से सरयू का कहर बरप है। नदी सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि औरअठगांवा के तीन पूरवे के 350 परिवारों को बेघर कर चुकी है। अब सरयू नदी बकुल्हा संसार टोला तटबंध को निशाना बनाने को आतुर है। इसको सुरक्षित करने के दृष्टिगत बाढ़ खंड द्वारा मार्च माह से नदी के दाएं बकुल्हा संसार टोला तटबंध के किमी 3700 के मध्य रिवेटमेंट तथा 900 एवं 4.115 किमी 4020 पर दो स्पर निर्माण कार्य कुल 1863.38 लाख रुपये की लागत से चल रहा था। करीब 65 प्रतिशत कार्य हो चुका है। करीब एक पखवारा से जहां लगातार रुक-रुक बारिश से सरयू का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। इसके चलते निर्माण कार्य पूरी तरह बन्द हो चुका है। वहीं, सरयू नदी के दाएं तट पर निर्मित बकुल्हा संसार टोला तटबंध के किमी 4.125 पर निर्मित स्पर के पुनरुद्धार कार्य भी 721.13 लाख की लागत से करीब दस दिन पूर्व शुरू ही हुआ कि बरसात होने के कारण बन्द हो गया है। कटानरोधी कार्य रुकने से बंधे के अंदर बसे लोगों में दहशत है।
इस बाबत बाढ़ खंड के जेई आरडी यादव ने कहा कि अभी तक जितना कटानरोधी कार्य हुआ है उससे बकुल्हा संसार टोला तटबन्ध पूरी तरह सुरक्षित है। क्षेत्रवासी भयभीत न हों। जो कार्य बरसात के कारण नहीं हो पा रहा है उसे मौका मिलते ही करवा लिया जाएगा।
बीएसटी बांध पर बनी सड़क धंसी, परेशानी
लालगंज। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बारिश से जहां गड्ढायुक्त सड़कों पर पानी लगने के कारण लोगों का चलना दूभर हो गया है, वहीं क्षेत्र के मुरारपट्टी गांव के सामने बीएसटी बंधा पर बनी सड़क के धंसने से चारपहिया वाहनों का चलना बंद हो गया है।
दिन में तो ठीक पर रात में चलना तो खतरे से खाली नहीं है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। बंधा धंसने के कारण बाढ़ आने पर इसके टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। बताया जाता है कि जब तक पीडब्लूडी विभाग से बीएसटी बंधा पर सड़क निर्माण नहीं किया गया था तब तक इसकी निगरानी का जिम्मा बाढ़ विभाग के कर्मचारियों पर था। अब इसको देखने वाला कोई नहीं रह गया है। बीएसटी बांध पर सिर्फ मुरार पट्टी गांव के सामने सड़क नहीं धंसी है बल्कि करीब 12 किमी की दूरी में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है। अब बाढ़ का समय है लिहाजा बांध की दशा देख लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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