बहुजन समाज पार्टी के जोन कोआर्डिनेटर मदन राम ने रविवार को कहा कि पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी का दल की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। दलीय कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में चौधरी को आमंत्रित नहीं करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी ने बसपा के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने चौधरी पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिकता हो तो सबसे पहले अपने बेटे को जिला पंचायत सदस्य पद से त्यागपत्र दिलाकर उप चुनाव लड़ाएं। बसपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नए सिरे से रणनीति बना रही है। उधर, बसपा विधायक दल के उप नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि दुर्दिन में बसपा ने अंबिका चौधरी को शरण दी थी, लेकिन उन्होंने उसकी एवज में पार्टी को धोखा दिया है। कहा कि अगर अंबिका चौधरी बहुत बड़े कद्दावर नेता थे तो निर्दल उम्मीदवार के तौर अपने बेटे को चुनाव क्यों नहीं लड़ाया। कहा कि अगर बसपा ने टिकट नहीं दिया होता तो उनके बेटे की जमानत भी नहीं बचती।
सुखद होती है घर वापसी: अंबिका
बलिया। बसपा से हाल ही में त्याग पत्र देने वाले पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी ने रविवार को कहा है कि उन्होंने फिलहाल बसपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया है। उन्होंने भविष्य के कदम को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है। समाजवादी पार्टी में घर वापसी के मुद्दे पर कहा कि घर वापसी हमेशा सुखद होती है, लेकिन वह उचित समय पर अपने समर्थकों से बातचीत करने के बाद अपने फैसले की जानकारी देंगे। बता दें कि शनिवार को पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी के पुत्र आनन्द चौधरी को सपा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित था इसके बाद पूर्व मंत्री ने बसपा पर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।