बेल्थरारोड। नगर के बाघ वाली गली स्थित कांप्लेक्स में स्वर्णकार समाज के कुलगुरु संत शिरोमणि नरहरि दास महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने समतामूलक समाज की स्थापना का संकल्प लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने संत नरहरि दास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी भक्तिभावना, प्रेम और करुणा का संदेश दिया। अनूप कुमार हेमकर ने संत के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि संत नरहरि दास भक्ति- भावना से प्रेरणा लेने की जरूरत है। संत नरहरि महाराज ने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए संत परंपरा को नई दिशा दी। कहा, संतों में उनका स्थान सर्वोच्च था। संत नरहरि दास रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास के गुरु भी थे। संत का संपूर्ण जीवन पीड़ित मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। युवा नेता धर्मेंद्र सोनी में संत के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मनोज सर्राफ, अंचल वर्मा, रमेश सर्राफ, लाखन सोनी, सूरज वर्मा, चंचल कुमार वर्मा, असित कुमार, गौरव कुमार वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता योगेंद्र वर्मा व संचालन पवन वर्मा ने किया।