प्रशासन की आंख में धूल झोंकते हुए खनन माफिया इन दिनों कुहासे के धुंध के बीच बालू खनन का खेल जारी रखे हैं। हर एक नदी के तटों पर तड़के सुबह साढ़े तीन से साढ़े पांच बजे के बीच यह नजारा देखा जा सकता है। ऐसा नहीं कि स्थानीय पुलिस इससे बेखबर है। उसकी मिली भगत से सारा खेल हो रहा। कोर्ट के सख्त आदेश और शासन के निर्देश और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद लगभग हर थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू खनन का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।
बानगी के तौर फेफना थाना क्षेत्र के सेमरा घाट का नजारा काफी है। यहां सुबह कोहरे के धुंध के बीच बालू खनन माफिया किस कदर अपने काम को अंजाम देने में जुटे हैं। यहीं हाल लगभग जनपद के हर घाट चाहे वह दुबहर थाना क्षेत्र या फिर हल्दी या फिर बैरिया थाना क्षेत्र है। हर जगह बालू खनन का खेल जारी है। ऐसा नहीं कि इन सब चीजों पुलिस प्रशासन बेखबर है, समय-समय पर कार्रवाई भी करती है। लेकिन सब कुछ नाकाफी है। क्योंकि पुलिस सिर्फ एक पर ही कार्रवाई करती है बाकी से आपसी मेल मिलाप से कार्य होता रहता है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ऐसे किसी बालू खनन के बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहते हैं कि समय-समय पर तो कार्रवाई की जाती है। पुलिस खनन रोकने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।