बलिया। गरीबों को स्थानीय स्तर पर सहजता से न्याय उपलब्ध कराने की मंशा से भले ही प्रदेश सरकार ने थाना स्तर पर समाधान दिवस के आयोजन की व्यवस्था की है। लेकिन यह फरियादियों के लिए औपचारिकता बनकर रह गया है। तभी तो शिकायतकर्ता समाधान दिवस पर चक्कर लगाते रहते है,लेकिन न्याय तो दूर उनकी शिकयतों की जांच भी नहीं की जाती है। समाधान दिवस पर उपस्थित अधिकारी महज आश्वासनों की घुट्टी पिलाते रहते है। एक ऐसा ही मामला बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के भुइली गांव का है, जहां फरियादी सुखदेव पांडेय लम्बे समय से भूमि के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों समेत समाधान दिवस का चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है। हालांकि शनिवार को थाने पर आयोजित समाधान दिवस में उपस्थित सदर तहसीलदार गुलाब चन्द्रा ने मौके पर जाकर जांच के आदेश दिए, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। इस बारे में सदर तहसीलदार ने बताया की दोनों पक्षों की सहमति से मामले को हल कराने का प्रयास किया जा रहा है। उधर भुइली गांव निवासी सुखदेव पांडेय ने बताया कि गांव के दबंग किस्म के लोग उसकी जमीन को अवैध रूप से कब्जाना चाह रहे है। जिसकी सूचना जिलाधकारी, सीडीओ सहित तहसील दिवस पर करीब एक माह से कई पत्रक दिया गया। बावजूद मामला हल नहीं निकला। बताया कि शनिवार को थाना समाधान दिवस पर पत्रक दिया है।इस दौरान एसओ आरएस नागर, एसआई चंद्रप्रकाश कश्यप, महिला एसआई प्रज्ञा सिंह समेत कानूनगो पीएन सिंह, लेखपाल सपना सिंह, प्रिया आदि रहे।
बता दें कि शनिवार को एडिशनल एसपी संजय कुमार और सदर तहसीलदार गुलाब चंद्रा की अध्यक्षता में थाना परिसर में समाधान दिवस का आयोजन हुआ था, जिसमें कुल तीन आवेदन पड़े। सभी शिकायते भूमि विवाद से जुड़ी थी, जिसे तहसीलदार ने इलाकाई लेखपालों को जांच करने के लिए सौंप दिया।