भीमपुरा। देश की आजादी के लिए प्राणों की आहुति देने वाले चरौवां गांव के वीर सपूतों की स्मृति में मंगलवार को शहीद स्मारक चरौवां गांव के प्रांगण में बलिदान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वीर सपूतों को नमन किया। वहीं कोरोना संक्रमण को देखते हुए हर वर्ष की भांति शहीद स्थल पर मेला का आयोजन नहीं किया जा सका, जिससे लोगों में काफी मायूसी रही।
भीमपुरा थाना क्षेत्र के चरौवां गांव स्थित स्मारक स्थल पर मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश ने ध्वजारोहण कर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। झंडारोहण होते ही इंकलाब जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारों से इलाका गुंजायमान हो उठा। इसके बाद शहीद स्मारक पर पहुंचे लोगों ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बलिया के विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश ने कहा कि इस देश को गुलामी की बेडि़यों से आजाद कराने के लिए चरौवां का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। यहां के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ही देन है कि हम स्वतंत्र रूप से जीवन यापन कर रहे हैं। आज के वर्तमान पीढ़ी को इन सेनानियों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। आज देश स्वतंत्र है। अब लोगों को देश के लिए मरने की नहीं बल्कि देश के लिए जीने की आवश्यकता है और इसकी जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है जो अपने अतीत के गौरव को पुन: स्थापित करें। गांव के लोगों ने बताया कि अंग्रेजों से लोहा लेते समय पुरुष महिलाओं के साथ पशुओं ने भी अपनी जान की बाजी लगाई थी। चरौवां गांव के शहीद खर बियार, शिव शंकर सिंह, मंगला सिंह और नारी शक्ति मकतुलिया मालिन की कुर्बानियों को याद किया गया। इस मौके पर अवनीश सिंह, प्रिंस सिंह, मुन्ना सिंह, देवेंद्र पांडेय, शिवाजी यादव, परमानंद वर्मा, सुनील कनौजिया आदि रहे।