महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आजाद बलिया के प्रथम कलेक्टर शेरे बलिया चित्तू पांडेय की 131वीं जयंती शनिवार को मनाई गई। इस अवसर पर चित्तू पांडेय चौराहा पर आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में सभी दलों के नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं शेरे बलिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित किया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि सेनानियों के त्याग,तपस्या व बलिदान के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। कहा कि जिस ब्रितानी हुकूमत के राज्य में कभी सूर्यास्त नहीं होता था, उसको शेरे बलिया चित्तू पांडेय ने 1942 में अस्त कर 14 दिन के शासन और स्वाधीनता के साथ संचालन कर बलिया का नाम भारत में पूरे विश्व में स्वर्णाक्षरों में अंकित कर दिया।
भाजपा नेत्री संध्या पांडेय ने कहा कि अंग्रेजों भारत छोड़ों नारे को बलिया में चरितार्थ करने का बलिया के वीर सेनानियों ने किया। सपा नेता राजकुमार पांडेय ने कहा कि जब जब आजादी की बात आएगी तो बलिया का नाम सदैव ऊपर रहेगा।अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष निर्मल उपाध्याय ने किया।
इस अवसर पर परमात्मा पांडेय, विनय पांडेय, ऊषा सिंह, रामकृष्ण यादव, सत्य प्रकाश उपाध्याय मुन्ना, संतोष चौबे चुन्नू, चिराग उपाध्याय, अजीत सिंह, आशीष प्रताप सिंह, दीपक श्रीवास्तव, लल्लू सिंह, फूलबदन तिवारी, मुखिया पांडेय, महाप्रसाद चौबे, आनंद विक्रम सिंह, रमाशंकर तिवारी, वैभव श्रीवास्तव, निल कुमार आदि उपस्थिति रहे। संचालन शेरे बलिया चित्तु पांडेय स्मारक समिति के सचिव जैनेंद्र पांडे मिंटू ने किया।