बैरिया से टिकट कटने पर वर्तमान विधायक सुरेंद्र सिंह के बगावती तेवर जारी हैं। उन्होंने मंगलवार को अपने समर्थकों की सभा में न सिर्फ 11 फरवरी को नामांकन का एलान किया बल्कि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के साथ ही अन्य विरोधियों पर जमकर भड़ास निकाली। उधर, बांसडीह विधानसभा से दावेदारी कर रहे कनक पांडेय ने भी समर्थकों के साथ बैठक के बाद चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। फेफना विधानसभा से टिकट मांग रहे अवलेश जदयू में शामिल हो गए हैं और चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। वहीं भाजपा के लिए एक राहत भरी खबर ये है कि नगर विधानसभा से नागेंद्र पांडेय ने पार्टी में आस्था व्यक्त की है। संवाद
सपा से मिले हैं सांसद, इसलिए दिलवाया कमजोर को टिकट : सुरेंद्र
--सांसद पर आरोपों की झड़ी, हाईकमान पर साधा निशाना
बैरिया। भाजपा से टिकट कटने से नाराज बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को समर्थकों के बीच बगावती बिगुल फूंका। देवराज ब्रह्म मोड़ से बैरिया त्रिमुहानी तक जुलूस के शक्ल में आकर स्व. बाबू मैनेजर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान कोविड-प्रोटोकाल और धारा 144 तार-तार दिखी। जुलूस की वजह से जाम की स्थिति रही। बैरिया-लालगंज मार्ग पर ही मीटिंग के बीच सुरेंद्र सिंह ने चुनाव लड़ने की घोषणा की। नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा व अमित शाह को खुली चुनौती दी। कहा कि अपना अंध चश्मा उतार कर देख लें, जनता क्या चाहती है। बैरिया का टिकट दिल्ली व लखनऊ से नहीं, यहां जनता तय करती है। स्थानीय सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि सांसद की सपा से मिलीभगत है। भाजपा को हराने के लिए उन्होंने जानबूझकर कमजोर प्रत्याशी को टिकट दिलवाया हैं। 10 मार्च के बाद ऐसे लोगों को माकूल जवाब दूंगा। इस दौरान कई बार विधायक की जुबान लड़खड़ाई और उन्होंने सांसद तथा विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला के खिलाफ असंसदीय शब्दों का भी प्रयोग किया। इसके साथ ही उन्होंने 11 फरवरी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन की घोषणा की। जुलूस को गुप्तेश्वर पाठक, मनोज कुशवाहा, अयोध्या प्रसाद हिन्द, धनन्जय सिंह आदि लोगों ने संबोधित किया।
मुझे अभिमन्यु की तरह घेर कर मारा : कनक
रेवती। टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा नेता अजय शंकर पाण्डेय कनक ने पार्टी के प्रति असंतोष जताते हुए मंगलवार को आवास पर बैठक बुलाई। अपने समर्थकों से राय मशवरे के बाद चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। कहा कि मुझे अभिमन्यु की तरह घेर कर मारा गया। शुरू से ही एक ही व्यक्ति को टिकट देने की बात की जाती रही। मेरे सामने चुनाव लड़ने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचा है। यह पूछे जाने पर कि किस दल से चुनाव लड़ेंगे, कहा कि बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ एक और बैठक के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
जदयू से लड़ेंगे अवलेश सिंह
बलिया। भाजपा से टिकट न मिलने के कारण नाराज अवलेश सिंह जदयू में शामिल हो गए हैं। उन्हें फेफना विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया हैं। वह बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत करने के बाद भी भाजपा ने मुझे उस लायक नहीं समझा और मुझे टिकट से दूर कर दिया। मैं चुनाव मैदान में रहूंगा। 2014 में मैंने पहले लोकसभा के लिये दावेदारी की और उसके बाद 2017 और 2022 में भी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी की थी। भाजपा ने मेरे साथ धोखा किया।
नागेंद्र ने भाजपा में जताई आस्था
बलिया। सोशल मीडिया के माध्यम से नगर विधानसभा भाजपा के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन करने का एलान करने वाले नागेंद्र पांडेय मंगलवार को बैकफुट पर आए। उनके बसपा में शामिल होने की भी बात कही गई थी। पर मंगलवार को उन्होंने भाजपा में ही आस्था जताई।