भारत की स्वाधीनता मेें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को कभी
भुलाया नहीं जा सकता। उन्हीं की बदौलत आज भारत के नागरिक दुनिया के सबसे
बड़े लोकतंत्र में कार्य करने का गौरव प्राप्त कर रहे हैं।
उक्त बातें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भोलानाथ सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पूर्वमंत्री राजधारी सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए नाना प्रकार की यातनाएं सहने के बाद भी हमारे सेनानी हंसते- हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी।
कहा कि समाज की भलाई के लिए कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष परमात्मानंद पांडेय ने कहा कि आज की सरकारें सच्चे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को छोड़कर किसी जाति विशेष के नेता के नाम पर शहरों का नाम, पार्कों का नाम तथा सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा
की जा रही है। यह स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के साथ अन्याय हो रहा है। इस दौरान सेनानी भोलानाथ सिंह के पुत्र श्रीप्रकाश सिंह एवं प्रपौत्र आशुतोष सिंह ने दर्जनों ग्रामीणों में कंबल का वितरण किया। इस मौके पर रामनिवास ओझा, प्रधान रामशुक्ल, बरमेश्वर प्रधान, लुड्डू पांडेय, भुल्लू खां, विनोद सिंह, जितेंद्र सिंह, गुलाब शेख, उपेंद्र सिंह, किशनचंद्र, रामविशाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक रवींद्रनाथ पांडेय ने किया।