रेवती। नगर के एक ग्राहक सेवा केंद्र के दस खाताधारकों के खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। शुक्रवार को इसकी जानकारी होने पर पीड़ितों ने स्टेट बैंक आफ इंडिया की स्थानीय शाखा में शिकायत की। बैंक के शाखा प्रबंधक ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के आईडी कोड को लाक कर दिया है। पीड़ित खाता धारक अपने रुपये के लिए एसबीआई की शाखा में चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि अन्य खाताधारकों के भी रुपये निकाले गए होंगे।
नगर के ग्राहक सेवा केंद्र का एक खाता धारक शुक्रवार को पैसा निकालने रेवती बाजार स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचा तो ताला बंद देख दूसरे केंद्र पर पहुंचा। वहां पता चला कि उसके खाते में पैसा नहीं है। इसकी जानकारी होने पर कई कई खाताधारक जुट गए। इनमें अधिकतर महिलाएं थीं। पीड़ितों ने स्टेट बैंक की शाखा में जाकर शिकायत दर्ज कराई। सहतवार निवासी एक के नाम से ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करने का आईडी कोड स्टेट बैंक और यूनियन बैंक से एलाट है। इस केंद्र का कार्यालय रेवती बाजार में है। इसका संचालन रेखहां नूरपुर और झरकटहां के दो लोग कर रहे थे। खाताधारकों का आरोप है कि निकाले गए बैंक स्टेटमेंट से पता चल रहा है कि हमारे खाते की रकम निकाल ली गयी है। ग्राहक केंद्र पर ताला लगा है और कर्मचारी नदारद हैं। बीते छह माह में विभिन्न खातों से लाखों रुपये निकाले गए हैं।
संजय सिंह निवासी दतहां के खाते कई बार में तीन लाख, उषा देवी दलछपरा के खाते से एक लाख 22 हजार, राधिका देवी दतहां के खाते से 99 हजार, रिंकू देवी पांडेय का छपरा के खाते से 75 हजार, बिंदु देवी निवासी कुमार का टोला, दतहां के खाते से 65 हजार, डुलिया देवी निवासी रेखहां नूरपुर के खाते से 40 हजार, गोलिया देवी निवासी लमुही के खाते से 27440, मुन्नी देवी, कौलेन पांडेय का टोला के खातेे से 26 हजार, रामरति निवासी भोज छपरा के खाते से 4521 रुपये उनकी गैर जानकारी में निकाल लिए गए हैं। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी हो रही है लोग सामने आ रहे है। ऐसे में पीड़ितों की संख्या के बढ़ने की भी संभावना है।
कोट
करीब पांच लाख रुपये आहरित करने का अनुमान है। ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के आईडी कोड को लाक कर दिया गया है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। एनजीओ के नियंत्रण में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित है। दस लोगों ने शिकायत की है। उनके स्टेटमेंट आदि कार्य में मदद की जा रही है।- सुरेश राम, शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया रेवती