बलिया। जिला कारागार में बुधवार की शाम दो गुटों में विवाद के दौरान ईंट-पत्थर चलने के मामले में उप कारापाल कुंजबिहारी सिंह ने पांच बैरकों के अज्ञात बंदियों पर केस दर्ज कराया। मामले की जांच की जा रही है।
तहरीर के अनुसार, बुधवार की शाम छह बजे बंदियों में भोजन वितरण के बाद कारागार बंद करने की प्रक्रिया चल रही थी। तभी बैरक नंबर टू-ए, टू-बी, थ्री-ए, थ्री-बी और फोर के बंदी दो गुटों में बंटकर मारपीट और शोर करने लगे। बंदी रक्षकों, हेड वार्डर ने अहाते का फाटक बंद करने की कोशिश की, लेकिन बंदी आक्रामक हो गए और बंद नहीं करने दिया।
इसके बाद बंदीरक्षक कार्यालय की तरफ भागे। इस दौरान अस्पताल सर्किल में तैनात पीएसी आरक्षी संजय यादव फंस गए। इसी बीच, बंदियों ने मुख्य द्वार की ओर, पाठशाला के पीछे की दीवार एवं नियंत्रण कक्ष के पास नहाने के स्थान को तोड़कर ईंट के टुकड़े एक-दूसरे पर फेंकने लगे। जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। यह देखकर रास्ते का फाटक बंद करा दिया गया। तब कारागार के बंदी उग्र होकर चिल्लाने लगे। फाटक तोड़ने का प्रयास करने लगे। स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर संतरी ने आपातकालीन अलार्म बजा दिया। फिर अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद जेल प्रशासन, जिला अधिकारी अदिति सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सहित कई थानों की फोर्स जेल पहुंच गई और मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद कैदियों को बैरकों में भेजा गया।
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बवाल थामने में पुलिस और पीएसी को लगे साढ़े तीन घंटे
बलिया। जिला कारागार में बवाल शांत करने में कई थानों की फोर्स और पीएसी को साढ़े तीन घंटे लग गए। शाम सात बजे जेल में बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई। जनपद के कई थानों की फोर्स के साथ दो वाहन पीएसी के जवानों को अंदर भेजा गया। रात लगभग पौने 11 बजे फोर्स निकलनी शुरू हो गई। मामले को शांत करा लिया गया।
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डीआईजी जेल वाराणसी ने किया निरीक्षण
बलिया। वाराणसी जोन के डीआईजी (जेल) एके सिंह बुधवार की देर रात जांच करने पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जेल प्रशासन, बंदी रक्षकों एवं कैदियों से एक-एक कर वार्ता की। यह सिलसिला बृहस्पतिवार की शाम तक चलता रहा। उधर, जिलाधिकारी अदिति सिंह, नगर मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह भी बृहस्पतिवार को जिला कारागार पहुंचे। इस दौरान जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर अंजनी गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जेल के निरीक्षण और बातचीत के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसमें अधिकारी और कर्मचारियों के जांच में दोषी पाए जाने पर गाज गिर सकती है।
जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों की ओर से खाने में सिर्फ कद्दू की सब्जी खिलाने की शिकायत की थी। इसके साथ ही खाने की और भी शिकायतें थी। जांच के लिए सैंपल भी भेजा गया। इसके अलावा, अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। - एके सिंह, डीआईजी, जेल, वाराणसी जोन
जेल में की गई भोजन की सैंपलिंग
बलिया। जेल से रात 11 बजे बाहर निकलीं जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि जेल के अंदर दो गुटों में विवाद के बाद पथराव हुआ था। बवाल के बाद बंदियों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। बताया जा रहा है कि बंदियों ने जेल की समस्याओं के बारे में अवगत कराने के साथ ही भोजन की भी शिकायत की थी। इस क्रम में बृहस्पतिवार को जिला खाद्य रसद विभाग की टीम पहुंची। बंदियों को दिए जा रहे भोजन की सैंपलिंग की। इसे लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।