इंदरपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 नगरा ब्लाॅक के खारी ग्राम पंचायत में प्रधान व सचिव की उदासीनता के चलते दम तोड़ रहा है। इस अभियान के तहत कूड़ा स्टोर करने के लिए आरआरसी सेंटर का निर्माण साल भर में भी पूरा नहीं हो सका है। सिर्फ दीवार खड़ी की गई है।
चर्चा है कि आरआरसी सेंटर का पूरा पैसा भुगतान करा लिया गया है। इस संबंध में सचिव इंद्रजीत प्रजापति का कहना है कि जितना कार्य हुआ है, उतने का ही भुगतान किया गया है। इस ग्राम पंचायत में पंचायत भवन में हमेशा ताला लटका रहता है। आरोप है कि पंचायत भवन कभी खुलता ही नहीं है। पंचायत सहायक व ग्राम प्रधान की आपसी रार से पंचायत भवन बंद रहता है। आरोप है कि विकास कार्यों का भुगतान पंचायत भवन के कंप्यूटर सिस्टम से न कर अन्यत्र से डोंगल लगाया जाता है। सरकार की मंशा है कि ग्राम सचिवालय से ही आय, जाति सहित अन्य कार्य किए जाएं लेकिन पंचायत भवन हमेशा बंद रहने से कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। गांव के रवींद्र तिवारी ने बताया कि ग्राम प्रधान पंचायत सहायक को पंचायत भवन की चाबी नहीं दी जाती। इसी के चलते पंचायत भवन हमेशा बंद रहता है। नगरा ब्लाॅक के सहायक विकास अधिकारी प्रमोद सिंह का कहना है कि किस परिस्थिति में आरआरसी सेंटर अधूरा है तथा पंचायत भवन में ताला लटका रहता है। इसकी जांच करा कर दोषी पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।