रोजगार सेवकों के नियमितीकरण को लेकर बीते दिनों शासन ने फरमान जारी किया था कि जनपद के ब्लाकों में तैनात रोजगार सेवकों की सूची तैयार की जाय। शिक्षा के आधार पर उन्हें वरीयता दी जाएगी। रोजगार सेवकों की यह सूची 18 अगस्त को शासन को भेजनी थी। लेकिन बीडीओ की लापरवाही की वजह से सूची अभी तक तैयार नहीं हुई।
सूत्रों की मानें तो कुछ ब्लाकों से जो सूची आई है, उसमें बड़े पैमाने धांधली की गई है, जो जिस गांव में तैनात नहीं है, उसे उस गांव के रोजगार सेवक दिखाया गया है। गौरतलब हो कि जनपद में लगभग 730 की संख्या में रोजगार सेवक है। बीते दिनों एक के बाद एक आंदोलन के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मांग को स्वीकारते हुए रोजगार सेवकों के नियमितीकरण को विचार किया और आश्वासन दिया।
तत्कालीन सीडीओ के बालाजी ने जनपद के 17 ब्लाकों के बीडीओ को निर्देश जारी किया कि वे अपने यहां के ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों को सूची तैयार कर अविलंब डीआरडीए में भेजे। वहीं सूची संकलन की जिम्मेदारी डीआरडीए के बाबू अविनाश उपाध्याय को सौंपी। लेकिन अविनाश उपाध्याय का कहना है कि 17 ब्लाकों में अब तक 15 ब्लाकों की ही सूची आई है।