ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थान पर पहले एक पुलिया थी, जिसे ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के तहत चौड़ा कर बनाया गया। दो पुलियों के बीच की खाली जगह को मात्र बालू भरकर ऊपर से पिचिंग कर दिया गया और आवागमन शुरू करा दिया गया। बरसात में नीचे से पानी के बहाव के कारण सड़क धंस गई।
ग्रीन फील्ड के हाइवे मैनेजर सुजीत ठाकुर ने बताया कि यह नई पुलिया है, जिसमें दो पुलियों के बीच मिट्टी डालकर पिचिंग की गई थी। पानी के बहाव से धंसान हुआ है, जिसे जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि इस मार्ग पर गुणवत्ता की कमी के कारण इस तरह की घटना तीन स्थानों पर हो चुकी है, जिसकी जांच नितांत आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।