निर्माणाधीन जनेश्वर मिश्र सेतु से कोइलवर को जोड़ने वाला एप्रोच मार्ग।संवाद
बलिया। यूपी-बिहार को जोड़ने वाले जनेश्वर मिश्र सेतु से बक्सर-कोईलवर तटबंध को जोड़ने के लिए लगभग तीन किलोमीटर मार्ग बनकर तैयार हो गया है। 15 मीटर भूमि बिहार प्रांत की होने के कारण छह माह से सड़क का उपयोग नहीं हो पा रहा है। बिहार प्रशासन की तरफ से एनओसी प्रदान नहीं की गई है। जबकि मार्च में ही जिले के लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड की तरफ से बिहार सरकार से कोईलवर तटबंध से जोड़ने की मांग की थी। बंध और पास की भूमि बिहार सिंचाई विभाग की है। ऐसे में जनेश्वर मिश्र सेतु से यूपी के प्रानपुर गांव की सीमा तक तैयार सड़क पूरी तरह चकाचक हो गई है। 15 मीटर भूमि को लेकर सड़क बेकार पड़ी है। दोनों प्रांतों के अधिकारियों ने मौके का मुआयना करने के साथ ही कई दौर की बैठक भी की है। इसके बाद भी सड़क का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि यूपी के सीमा क्षेत्र में लगभग नौ मीटर चौड़ी यह सड़क लगभग 30 करोड़ से बनकर तैयार हो चुकी है। इसमें पुल भी बनाए गए हैं। बस 15 मीटर भूमि की दिक्कत के कारण अभी तक बिहार से सड़क जुड़ नहीं सकी है।
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि दोनों प्रदेशों के प्रशासन को सार्थक पहल कर इसे चालू करना चाहिए। इसके बाद सड़क पूरी तरह बेकार पड़ी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसमें रुचि दिखानी चाहिए।
फाइनल टच का इंतजार : कार्यदायी संस्था अशोक कंस्ट्रक्शन कंपनी के वीरेंद्र कुमार उर्फ टुन्नू जी पाठक ने बताया कि सड़क पूरी तरह पूरी हो चुकी है। कोईलवर बंधे से जोड़ने के लिए बिहार सरकार की अनुमति का इंतजार है। बिहार सरकार की एनओसी मिलने पर चार दिन के अंदर सड़क पूरी तरह चालू हो जाएगी।
यूपी और बिहार की जनता के लिए लाइफलाइन
यूपी सरकार ने गंगा पर करोड़ों की लागत से जनेश्वर मिश्र पुल बनाया था, जिसे अब बिहार के गांवों से जोड़ने के लिए इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यह सड़क मार्ग बिहार और यूपी के बीच संपर्क को बेहद आसान और नजदीक कर दोनों राज्यों के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा। इससे बक्सर और भोजपुर के लोगों को बारिश के मौसम में भी आवागमन में सुविधा होगी।
जनेश्वर मिश्र सेतु से प्रानपुर गांव की सीमा तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। बिहार सरकार से लगातार एनओसी के लिए प्रयास किया जा रहा है। बिहार सरकार के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जल्द बिहार सरकार की तरफ से अनुमति मिलने की उम्मीद है। - इं. एसके सिंह, एई, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड।