बेल्थरारोड क्षेत्र के कोइली मोहान ताल के तटवर्ती क्षेत्रों का नाव से निरीक्षण करते छट्ठू राम।
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बेल्थरारोड। सरयू का जलस्तर 72 घंटे से बढ़ रहा है। आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोग फिर बाढ़ की आशंका से सहम गए हैं। सरयू का जलस्तर खतरे के लाल निशान से एक मीटर ऊपर पहुंचने को आतुर है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 64.740 मीटर रिकॉर्ड किया गया जबकि खतरे का निशान 64.010 मीटर है। खतरे के निशान से जलस्तर 73 सेंटीमीटर अधिक है। नदी का पानी बढ़ाव पर है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा वृद्धि की संभावना जताई है। इससे अतरौल, इन्दौली, मिलिकान, बुद्धिपुर, चैनपुर गुलौरा, शाहपुर अफगा, हल्दीरामपुर, चन्दाडीह, कोइली मुहान ताल से जुड़े कई गांव, खैरा, तुर्तीपार, मधुबनी, अटवा, इंदिरा नगर, मुजौना, बेल्थराबाजार, सहियां गांव में जलभराव से फसल चौपट हो गयी है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। पशुपालक पानी के बढ़ने से पशुओं के चारे के लिए परेशान हैं और पशुओं को लेकर टीएस बंधे तथा सड़कों पर आ गए हैं।
गांवों में पानी घुस जाने से खोप में रखे पशुओं का भूसा भींग कर खराब हो गया है। किसानों का कहना है कि बाढ़ से धान की फसल तो चौपट हो गयी है, कहीं ताल से जुड़े खेतों में पानी जमे रहने के चलते दूसरी फसल भी न चौपट हो जाय। इस बीच जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के होश उड़ गए हैं। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी के तेवर उग्र हो जाने से तटवर्ती लोगों में खलबली मच गई है। बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।