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रिसने लगा पानी, रिगवन जयनगर बांध को खतरा

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बलिया। सरयू के पानी से तीन गांव घिर गए हैं। नौ गांवों को बचाने के लिए बनाया गया रिगवन-जयनगर बांध खतरे में है। जर्जर हो चुके इस बांध से पानी रिसना शुरू हो गया है। बांध को बचाने का प्रयास ग्रामीणों की ओर से ही किया जाता रहा है। बुधवार को एसडीएम अन्य अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बाढ़ विभाग के अधिकारियों को बांध को बचाने के लिए इंतजाम का निर्देश दिया था। गांव के लोगों की मानें तो उनके जाने के बाद ठेकेदार 20-25 बालू से भरी बोरियां देकर चला गया।
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बोरियों को गांव के लोगों ने ही बांध के किनारे पेड़ की डालियों आदि को काटकर बांध के किनारे रखा गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि अगर बांध टूटा तो दस गांवों के लोग बाढ़ के पानी की चपेट में आ जाएंगे। बांसडीह: कई गांव सरयू के साथ दहताल मुड़ियारी और सुरहा के पानी से घिर गए हैं। कई वर्ष पहले बाढ़ विभाग की ओर से बनवाया गया 7.6 किलोमीटर लंबा रिगवन-जयनगर बांध खतरे में है। सरयू का पानी लगातार बढ़ रहा है और अब बांध से पानी का रिसाव भी शुरू हो गया है। प्रभावित गांवों के कुछ लोग रिश्तेदारियों में तो कुछ किराए पर घर लेकर रहने का जुगाड़ लगा रहे हैं। जबकि जो गरीब हैं उन्होंने टीएस बंधे पर ही आशियाना बनाना शुरू कर दिया है बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी एसडीएम बांसडीह दुष्यंत मौर्य, तहसीलदार गुलाब चंद्रा व एसडीओ बाढ़ विभाग इंद्राज गौतम ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। इंद्राज गौतम ने बताया कि बांध का बचाने का प्रयास किया जा रहा है, बुधवार शाम से नदी का पानी स्थिर है, यदि ये घटना शुरू हो जाता है तो बांध पर दबाव कम हो जाएगा। यदि बांध टूटता है तो रिंगवन, ताहिरपुर, सुल्तानपुर, खादीपुर, मलाहीचक, कोटवा महेंद्रा, बिजलीपुर, नवका गांव, मानिकपुर आदि पूरी तरह से डूब जाएंगे।
बैरिया: तहसील के तीन गांव के सरयू नदी की बाढ़ के पानी में घिर जाने से लोगों की मुश्किलों बढ़ गई हैं। नाव की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण तीन गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी होकर अपनी जरूरतों का सामान लेने के लिए बाजार आदि जा रहे हैं। सुरेमनपुर दियरांचल के धूपनाथ के डेरा, बैजनाथ के डेरा की लगभग दो हजार की आबादी सरयू नदी की बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुका है। वहीं, मांझा ग्राम पंचायत का नवका गांव भी इसी नदी की बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। एसडीएम बैरिया सुरेश कुमार पाल ने बताया कि यहां नावों की व्यवस्था कराई जाएगी।
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बाढ़ से बचाव को लेकर बैठक आज
बैरिया। सम्भावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एसडीएम बैरिया सुरेश कुमार पाल ने बाढ़ खण्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों व राजस्व विभाग के कर्मियों की बैठक सात अगस्त तहसील में बुलाई है। बैठक में बाढ़ के स्थिति की समीक्षा व बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।
खरीद-दरौली जाने वाले रास्ते पर भरा पानी
नवानगर। सरयू का पानी दियारा क्षेत्र में घरों में घुसने लगा है। खरीद-दरौली घाट पर जाने वाले रास्ते पर पानी भर जाने से बिहार से संपर्क टूट गया है। सरयू के लगातार बढ़ने का क्रम जारी है और अब बाढ़ का पानी सिकंदरपुर-मनियर मार्ग से सटे गांवों के घरों व दियारे में बने डेरों में घुसने लगा है। किसान मवेशियों को दियारे में डेरा बनाकर रखते थे। अब वे बंधे पर शरण लिए हुए हैं। इस समय उन्हें सबसे अधिक दिक्कत जानवरों को खिलाने पिलाने में हो रही है। चारे की व्यवस्था के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को ऐसी ही एक लिलकर दियारे में पलट जाने से अफरा-तफरी मच गई थी। किसी तरह किसानों की जान बचाई गई थी। खरीद गांव के अनुसूचित जाति की बस्ती में पूरी तरह से सरयू के बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। सरयू के जलस्तर में लघातार बढ़ाव से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
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