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Ballia News: वरासत का मामला लंबित होने पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल निलंबित

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सिकंदरपुर/बैरिया। तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने वरासत के मामले को बेवजह लंबित रखने के मामले में सख्त रुख अपनाया। कानूनगो रामपूजन राम और लेखपाल संतोष पासवान को निलंबित करने के आदेश दिए। एसडीएम सुनील कुमार ने तत्काल दोनों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की। तहसीलदार सिकंदरपुर को जांच अधिकारी नामित किया है।
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पहराजपुर क्षेत्र में वरासत के लिए नवंबर में आवेदन किया गया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद अब तक वरासत नहीं की गई। पहराजपुर गांव निवासी रंजू यादव ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि संबंधित हल्का लेखपाल की ओर से काफी समय से वरासत की कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की कि जब तहसील स्तर पर वरासत के मामले ऑनलाइन शून्य दर्शाए जा रहे हैं, तो फिर यह प्रकरण अब तक लंबित क्यों है। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, अवैध कब्जा, वरासत, बैनामा एवं भूमि विवाद से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं। कुल 167 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। कस्बे में गड़ही पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के निर्देश लेखपाल एवं अधिशासी अधिकारी को दिए।
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बैरिया में उप जिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह के अध्यक्षता में सुनवाई हुई। 24 मामलों में से 12 मामले राजस्व विभाग के थे। दो का मौके पर निपटारा हुआ। कोटवा निवासी नितेश कुमार सिंह, कोटवा निवासी बृजबिहारी सिंह,सियाराहिया निवासी हरिद्वार, बैरिया निवासी विजय कुमार ने भूमि विवाद का मामला प्रस्तुत किया। बदामी देवी पत्नी विश्वनाथ बैरिया ने अपना मकान किराएदारों से खाली करने की गुहार लगाई। सोनबरसा निवासी शंकर तुरहा ने आम रास्ता को अवरुद्ध करने के संदर्भ में शिकाय की।


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वरासत और अतिक्रमण पर चेतावनी

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण या वरासत के मामले तीन माह से अधिक समय तक लंबित पाए गए तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध निलंबन व प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी। खतौनी में नाम या रकबा गलत होने की शिकायत पर जनता को परेशान न किया जाए। आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


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तहसील परिसर का किया औचक निरीक्षण

संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी ने तहसील प्रांगण का औचक निरीक्षण किया। तहसील में व्याप्त गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आवासीय परिषद की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई कराने, अधिवक्ताओं की मांग पर उपनिबंधन कार्यालय को उपकोषागार में अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने तथा कैंटीन में संचालित चकबंदी न्यायालय को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसील में स्थित बंदीगृह के आसपास अवैध कब्जे हटाने के निर्देश भी दिए। उपजिलाधिकारी न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय तथा नायब तहसीलदार न्यायालय में लंबित पत्रावलियों की गहन जांच की।
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