सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत सरयू नदी तल में अवैध बालू खनन के कथित आरोप के क्रम में एनजीटी की ओर से केंद्रीय व राज्य प्रदूषण बोर्ड सहित जिलाधिकारी को नोटिस जारी होने के बाद प्रशासनिक अमला पूरे दिन हांफता नजर आया। शुक्रवार को दोपहर बाद राजस्व टीम और खनन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर वास्तविक स्थिति को जांचा परखा और संबंधित ठेकेदार को क्लीन चिट देने के साथ आगाह भी किया।
गौरतलब हो कि कुछ समय पहले सिकंदरपुर में एसडीएम ने रेत लदे ट्रक को पकड़ा था। स्थानीय लोगों ने इसे अवैध बताते हुए नदी से सीधे बालू लिफ्ट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद एसडीएम ने खनन विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। सरयू नदी में बालू खनन से संबंधित पट्टा होने के बाद बीते मंगलवार को ही राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की निगरानी में संबंधित भूमि का सीमांकन किया गया था। ठेकेदार को निर्धारित भूमि से ही खनन कराने का आदेश दिया गया था।
इसी बीच एनजीटी की ओर से मामले में डीएम और केंद्रीय व राज्य प्रदूषण बोर्ड को शुक्रवार को नोटिस जारी करने की खबर अखबार में प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभागों के कान खड़े हो गए। शुक्रवार को पहुंची टीम ने मौका मुआयना किया। मौके पर खनन को सही पाया।
बता दें कि करीब 1000 हेक्टेयर वाले गाटा संख्या 3020 कई संघटकों में बंटा है। इसमें कुछ स्थानीय काश्तकार और सरकारी भूमि है। उक्त भूमि में 360 मीटर लंबा और 160 मीटर चौड़े परिक्षेत्र के लिए पट्टा दिया गया है। इसका क्षेत्रफल पांच हेक्टेयर है। उक्त सीमांकित भूमि का अधिकांश हिस्सा नदी तल में है। मौके पर जांच टीम को निर्धारित भूमि से कम क्षेत्रफल में ही खनन करते पाया गया। इसका काफी हिस्सा अभी भी नदी में है, जिसमें पानी लगा है। जांच टीम ने मौके पर मिले साक्ष्य के आधार पर संबंधित ठेकेदार को निर्धारित स्थान पर बालू खनन को सही पाया और उसे उक्त स्थान से इतर खनन न कराने को कहा।
उधर ओवरलोड की आ रही शिकायतों के क्रम में खनन इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि बालू लदे सभी ट्रकों को निर्धारित मानक के अनुरूप ही लोडिंग करनी है। इसके लिए बकायदे कांटा भी लगाया गया है, जहां से तौल के बाद ही ट्रक निकलते हैं। बावजूद यदि कोई ओवरलोड करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर नायब तहसीलदार सीपी यादव, राजस्व निरीक्षक हरेराम यादव, हल्का लेखपाल विनय प्रकाश यादव सहित संबंधित थाने के एसआई समेत अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
क्यूआईसी टेक्निकल टीम ने भी किया सर्वे
पंदह। एनजीटी के निर्देश पर शुक्रवार को नवेड क्यूआईसी (क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया) की टीम ने भी संबंधित स्थल का सेटेलाइट निरीक्षण किया।
बता दें साल 2020 में कुछ ठेकेदारों ने एनजीटी से नदी में बालू की मात्रा कम निकलने या न होने की बात बताते हुए पट्टा को एक्सटेंड करने की गुहार लगाई थी। ठेकेदारों का तर्क था कि नदी में पर्याप्त मात्रा में बालू न होने या मिट्टी मिलने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसी क्रम में एनजीटी ने सरकार को प्रत्येक जिले से सर्वे रिपोर्ट तलब की है। ताकि संबंधित नदी में बालू की मात्रा का स्पष्ट पता चल सके। निर्देश के क्रम में पहुंची टीम ने भी सेटेलाइट निरीक्षण के द्वारा उक्त सीमांकित भूमि में बालू की मात्रा का पता लगाया। क्यूसीआई नवेड के सदस्यों ने खनन को उचित पाया।
बता दें कि जिले में तीन स्थानों कठौड़ा, खैरा खास (बेल्थरारोड) और नरही की सर्वे कर रिपोर्ट भेजनी है। इसमें नरही का सर्वे पहले ही हो गया है।