मुठभेड़ में घायल आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सेवानिवृत्त फौजी देवेंद्र की हत्या उनके घर में की गई। आरोपी अनिल यादव, देवेंद्र की पत्नी का प्रेमी था। उसने फौजी के दोनों हाथ, दोनों पैर और सिर को काटकर टुकड़े कर दिए। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए अनिल ने इसे बेलोरो गाड़ी में अपने गांव खरीद ले गया। शव के टुकड़ों को अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया। दोनों हाथ और पैर एक बगीचे में फेंके गए, जबकि सिर और धड़ को पास के एक कुएं में डाल दिया गया। इस क्रूरता ने पुलिस के लिए भी जांच को चुनौतीपूर्ण बना दिया था।
पुत्री ने मां पर लगाया था हत्या का आरोप
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा मृतक फौजी की बेटी अम्बली गौतम ने किया। उसने पिता देवेन्द्र कुमार की हत्या अपनी मां माया देवी व उसके सहयोगी अनिल यादव आदि के खिलाफ तहरीर दी। मुकदमे के आधार पर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र बहादुर सिंह ने माया देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया और मामले का खुलासा कर दिया।
माया देवी और मिथिलेश पटेल की निशानदेही पर देवेन्द्र कुमार का धड़ खरीद दरौली के कुएं से बरामद किया गया। सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान मुख्य आरोपी अनिल यादव ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई।
मुठभेड़ में अनिल यादव के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने अनिल के साथी सतीश को भी दौड़ाकर पकड़ लिया। सतीश के पास से कट्टा, कारतूस, मोटरसाइकिल बरामद की।
एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि यह मुठभेड़ कोतवाली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में हुई। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे अवैध संबंध मुख्य कारण हैं।