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छह पंपिंग सेटों पर ही रहेगी जेल से पानी निकालने की जिम्मेदारी

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बलिया। जिला कारागार को जलभराव की समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। सामने की सड़क एवं नाली साल दर साल ऊंची की जा रही है और जेल उससे नीचे हो रही है। इसके चलते पानी निकलना मुश्किल हो गया है। कारागार प्रशासन को पंप लगाकर पानी निकालना पड़ रहा है। इसके लिए छह पंपिंग सेट की व्यवस्था की गई है।
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पिछले साल मूसलाधार बारिश से जिला जेल के बैरकों में पानी भर गया था। 39 बंदियों को दो अक्तूबर 2021 को दूसरे जिलों की जेलों में शिफ्ट किया गया था। इनमें से 600 कैदियों को आजमगढ़ और 339 कैदियों को अम्बेडकर नगर जिला जेल में भेजे गए थे। मानसून के आने में कुछ ही दिन रह गया है। ऐसे में एक बार फिर जेल में पानी भरने का डर सताने लगा है। जिला जेल से पानी निकलने तथा बैरकों व कमरों की सफाई के बाद बंदियों की वापसी शुरू हुई लेकिन अब तक 100 कैदियों की दूसरे जेलों से वापसी हो पाई।
जेल प्रशासन ने बरसात के पानी से निजात पाने के लिए जेल के अंदर छह पंपिंग सेट पहले ही लगा रखा है। जेल में करीब 418 कैदी निरूद्ध हैं। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने बताया कि बरसात के पानी से निकलने के लिए छह पंपिंग सेट तैयार कर दिया गया है। अगर नाले का पानी अवरूद्ध हुआ तो समस्या उत्पन्न हो सकती है। अंबेडकरनगर जेल में 339 में से 100 कैदी ही रह गए हैं, शेष रिहा हो चुके है। आजमगढ़ में 600 में करीब 150 कैदी रिहा हो चुके है।
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पंप हाउस और आरसीसी वाटर चैनल का नहीं शुरू हुआ निर्माण
बलिया। शासन की ओर से जिला कारागार में जलभराव की समस्या को देखते हुए पंप हाउस और आरसीसी वाटर चैनल के निर्माण के लिए मार्च महीने में एक करोड़ से ज्यादा की परियोजना स्वीकृत की थी। निर्माण शुरू करने के लिए हली किस्त भी जारी कर दी गई थी। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड का उसका कार्य सौंपा गया था। अभी तक इसका कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है और मानसून सिर पर आ गया है।
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