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Ballia News: इमरजेंसी से ओपीडी तक सांस के 15 फीसदी बढ़े मरीज,1328 लोग पहुंचे

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जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
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बलिया। जिला अस्पताल में सोमवार को 1328 मरीज पहुंचे। मौसम के बदलाव से वायरल संक्रमण, उल्टी दस्त के अलावा सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। वायरल संक्रमण के अलावा सांस के मरीजों की संख्या में 15 फीसदी इजाफा हुआ है।
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मौसम में बदलाव से कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों की सेहत खराब हो गई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सांस व उल्टी दस्त की परेशानी वाले मरीजों की भीड़ लग रही है, शाम तक इमरजेंसी फूल होने से मरीजाें को मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जाता है। छोटे बच्चे सीने की जकड़न से परेशान होकर पहुंच रहे हैं।
चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरके झा ने कहा कि कि, मौसम के चलते सांस फूलना, खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याओं के इलाज के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
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तापमान में गिरावट के साथ सुबह रात गुलाबी ठंड व दिन में गर्मी सेहत खराब कर रही है। बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया एवं कोल्ड डायरिया, कफ जमने से छाती में जकड़न की परेशानी के ज्यादा आ रहे हैं। फिजिशियन डॉक्टर विनोद कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों के साथ बुजुर्गों की देखभाल जरूरी है। अस्थमा, बीपी व शुगर वाले मरीजों के लिए यह मौसम खतरनाक है। बजुर्गों के घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द व पुरानी चोट में दर्द वाले मरीज भी पहुंचे। आर्थो सर्जन डाॅ. संतोष चौधरी ने गर्म पानी से जोड़ों की सिकाई करने की सलाह दी। बालरोग डाॅ. विनेश कुमार ने बताया कि बच्चों को सुबह-शाम फुल बांह के कपड़ा पहनाएं। इम्युनिटी बढ़ाने वाला भोजन दें। थोड़ी सी भी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श पर दवा का सेवन करें। थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है।
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