रेलवे स्टेशन परिसर में धूप का लुत्फ उठाती महिला यात्री।
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कड़ाके की पड़ रही ठंड और गलन से जनपदवासियों को शुक्रवार को कुछ राहत मिली। सुबह से खिली धूप लोगों को खूब अच्छी लगी। दिनभर लोग छतों पर डटे रहे। जबकि बाहर भी लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद लिया। आसमान में बादल होने से कोहरा तो नहीं रहा, लेकिन ठंड से लोग लोग परेशान रहे। धूप खिलने से अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा।
जनपद में शुक्रवार को सुबह कोहरा नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन गलन में कमी नहीं आयी। सुबह करीब 10 बजे सुर्य के दर्शन हुए तो लोगों के चेहरे भी खिल उठे। धूप में बैठकर लोगों ने गर्मी का अहसास किया। दोपहर दो बजे के बाद सर्द हवाएं चलने से गलन बढ़ गई और लोगों की कंपकंपी छूटी। शहर के चौक-चौराहों पर शाम में अलाव तापकर गरीब-असहाय ठंड से निजात पाने की कोशिश में लगे रहे।
गुरुवार को न्यूनतम तापमान जहां 5 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था, वहीं शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड और कोहरे का असर रेलों के परिचालन पर भी पड़ रहा है। स्वतंत्रतंत्रा सेेनानी, सरयू यमूना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें घंटों विलंब से चलते हुए बलिया स्टेशन पर पहुंची। ट्रेनों के के विलंबित होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लालगंज संवाददाता के अनुसार, दोकटी थाना क्षेत्र के दोकटी गांव निवासी विश्वनाथ सिंह (60) की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों की मानें तो शुक्रवार की सुबह वह शौचालय में गये थे कि दरवाजे पर ही गिरकर बेहोश हो गए। परिजनों ने उन्हें सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देख जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की माने तो विश्वनाथ की मौत ठंड लगने से हुई है।