गंगा का जलस्तर शुक्रवार को तेजी से उतरने लगा है, जबकि सरयू नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। जलस्तर घटने से तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि प्रशासन ने अभी भी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा है और निगरानी जारी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाबूबेल, गरया, रुद्रपुर, बेलहरी, प्रबोधपुर, डांगरबाद, शुक्ल छपरा, धरमपुरा, मझौवां, सुघर छपरा, उदई छपरा, उपाध्याय टोला के कई हिस्सों में आई बाढ़ के बाद 18 हजार की आबादी के अब बस्तियों में रह रहे लोगों के लिए मुसीबत और भी बढ़ गई है। आधा दर्जन से अधिक शैक्षिण संस्थान बाढ़ से प्रभावित होकर बंद पड़े हुए है। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बस्तियों से निकलने लगा है, लेकिन इसके बाद जो स्थिति बन रही है, वह बेहद भयावह है। पानी के साथ-साथ बस्तियों में सड़न भरी दुर्गंध फैलने से लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बाढ़ के दौरान गांव और शहरों में पानी भर जाने के कारण सड़कों, घरों में कीचड़ और गंदगी जमा हो गई थी। पानी में बहकर आई जलजन्य सामग्री और अपशिष्ट सामग्री का अंबार लग गया है, जिसके कारण सड़ांध फैलने लगी है। खासकर डायरिया, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां तेजी से फैलने की आशंका है। बाढ़ पीड़ितों ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने का मांग किया है। पीड़ित संजय मल्लाह ने बताया कि बाढ़ के बाद घरों में घुसे पानी ने हमारी जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया।
केन्द्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार शुक्रवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.50 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ ही एक सेमी प्रति घंटे की दर से जलस्तर में घटाव हो रही है। गंगा नदी खतरे के निशान 57.615 मीटर से 885 सेमी ऊपर बह रही है।
बेल्थरारोड : लाल निशान से एक मीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी शुक्रवार को स्थिर हो गई। जलस्तर स्थिर हो स्थिर हो जाने से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर 65.01 मीटर पर स्थिर हो गया। खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बहने से नदी का पानी तटवर्ती गांवों की और कूच करने लगा है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का अनुमान किया है। जलस्तर में कमी होने से तटवर्ती लोगों ने राहत की सांस ली।
नदियों का जलस्तर अब नीचे उतरने लगा है। इस दौरान कटान पर नजर रखी जा रही है। अभी किसी क्षेत्र में कटान नहीं हो रही है। - एक्सईएन इं. संजय कुमार मिश्रा, बाढ़ विभाग।