फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परवान नहीं चढ़ सकी कायाकल्प योजना, महज 13 फीसदी ही हुआ कार्य

विज्ञापन
दयाछपरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
बलिया। सरकारी स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत संवारा जाना था। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी गई थी। लेकिन चुनावी साल होने के कारण प्रधानों ने काम में रुचि ही नहीं ली और सरकार की यह कवायद परवान नहीं चढ़ सकी। जिले में कुल 2249 के सापेक्ष मात्र 300 स्कूलों को ही योजना के संवारा जा सका। हालांकि विभाग का दावा है कि स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत संवारने का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

परिषदीय स्कूलों की सूरत बदलने के लिए शासन की ओर से ऑपरेशन कायाकल्प योजना का संचालन किया गया। योजना के तहत इसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम प्रधानों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग को दी गई ताकि संयुक्त रुप से जुटकर योजना को सफल बनाएं। सरकार की मंशा थी कि इसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों के शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही बच्चों में साफ-सफाई पर जोर देना। योजना को लागू करने के लिए शुरुआत में काफी जोर-जोर से प्रचार-प्रसार किया गया। ग्राम पंचायतों की मदद से गांवों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों को पंचायती राज की निधि से आधुनिक तौर पर सजाने और संवारने का व्यापक तौर पर अभियान चलाया गया। इतना ही नहीं अभियान को गति देते हुए बीते अक्तूबर 2020 में जिले के 252 परिषदीय विद्यालयों को डीएम श्रीहरिप्रताप शाही व सीडीओ विपिन जैन ने संयुक्त तौर पर गोद लिया था। दोनों अधिकारियों ने स्कूलों के कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया। तब जिलाधिकारी एसपी शाही ने नगर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलकनगर पर पूजन-अर्चन, हवन कर और नारियल फोड़कर इस अभियान की शुरूआत करते हुए स्कूलों के कायाकल्प का रोडमैप बताया था। दोनों अधिकारियों ने विद्यालय स्टॉफ से पूरी ईमानदारी से सहयोग की अपेक्षा की थी। लेकिन ग्राम प्रधानों की ओर से इसको लेकर रुचि नहीं लेने के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ सका। आलम यह है कि अब तक महज 13 फीसदी स्कूल ही संवर सके।
जिले में हैं प्राथमिक के 1589 स्कूल
बलिया। जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के कुल 2249 विद्यालय हैं। इसमें प्राथमिक के 1589, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्तर के 239 व कंपोजिट स्कूलों की 392 है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत इन सभी 2249 स्कूलों को संवारने की योजना थी। बेसिक शिक्षा विभाग की मानें तो अभी तक कुल 300 स्कूलों का कायाकल्प किया गया है, जबकि शेष बचे 1949 स्कूलों को भी संवारने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन

चार स्कूलों को मिला उत्कृष्ट विद्यालय का सम्मान
बलिया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत संतृप्त होने से पूर्व जिले के चार स्कूलों को प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय के तौर पर फरवरी 2020 में बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा पुरस्कृत किया गया था। इनमें बेरुआरबारी ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय करमपुर, प्राथमिक विद्यालय शिवपुर, दुबहड़ ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अमृतपाली तथा रसड़ा ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय सराय भारती है। इन स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लॉस के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने व्यवस्था की गई है, जो निजी स्कूलों को भी मात दे रहे हैं।
अलग-अलग तरह के स्कूलों के लिए अलग-अलग धनराशि निर्धारित
बलिया। जिले में प्राथमिक स्तर के स्कूलों के कायाकल्प के 50 हजार, उच्च प्राथमिक के लिए 25 हजार व जहां प्राथमिक व उच्च प्राथमिक दोनों साथ होंगे उनके लिए 75 हजार रुपये धनराशि तय की गई है। अब तक कायाकल्प हुए स्कूलों में अधिकांश प्राथमिक स्तर के हैं।
--------------------
इन 14 बिंदुओं पर करना है स्कूलों को संतृप्त
- शुद्ध व सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था
- बालक शौचालय की व्यवस्था
- बालिका शैचालय की व्यवस्था
- शौचालय में जलापूर्ति की व्यवस्था
- शौचालय का टाइल्सीकरण
- दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था
- स्कूल में मल्टीपल हैंडवास की व्यवस्था
- रसोईघर की व्यवस्था
- कक्षाओं के फर्श पर टाइल्स की व्यवस्था
- स्कूल में श्याम पट्ट की व्यवस्था
- विद्यालय की रंगाई पोताई की व्यवस्था
- स्कूल परिसर में रैंप की व्यवस्था
- कक्षाओं में विद्युत उपकरण की व्यवस्था और वायरिंग
- कक्षाओं में विद्युत संयोजन और स्मार्ट क्लास
-----------------------
कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों को संवारने का काम ग्राम प्रधानों के नहीं रहने के कारण प्रभावित हुआ है। इसको गति देने के लिए कार्रवाई की जा रही है। - शिवनारायण सिंह, बीएसए, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें