बलिया। अमर उजाला की खबर का एक बार और असर हुआ है। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाने का पता चलने पर दो लोगों ने उप निबंधक के सामने पेश होकर संपत्ति की रजिस्ट्री निरस्त कराई। उप निबंधक ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए 12 मार्च 2021 को पावर ऑफ अटॉर्नी को निरस्त कर दिया। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को नकल की कॉपी उपलब्ध कराई। तब जाकर आवेदन करने वालों और शिकायतकर्ता ने राहत की सांस ली।
10 मार्च 2021 को ‘जमीन की फर्जी तरीके से पावर ऑफ अटॉर्नी बनाने का आरोप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इस खबर को पढ़ने के बाद हरपुर नई बस्ती निवासी जीवन प्रभात सिंह निवासी हरपुर नई बस्ती और अवधेश कुमार गुप्ता निवासी वसीका नवीस ने उप निबंधक सदर लालजी राम को घोषणा पत्र देकर इसे निरस्त करने की गुहार लगाई थी। पत्र में बताया गया था कि छह मार्च 2021 को एक किता दस्तावेज पावर ऑफ अटॉर्नी के तहत मौजा विशुनपुरा मुकाम करनई परगना जिला बलिया से संपत्ति लिखवाई थी। बताया गया कि खबर पढ़ने के बाद 10 मार्च को उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला। खुद भी जांच की तो पावर ऑफ अटॉर्नी फर्जी पाई गई। तब जाकर इसे निरस्त करने की गुहार लगाई।
वर्जन
पावर ऑफ अटॉर्नी कराने वाले ने इसके तहत कार्य कराने से इनकार कर दिया। जिसके बाद इसे निरस्त कर दिया गया है। दोनों पक्षों को नकल की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है।
लालजी राम, उप निबंधक, सदर, बलिया