बलिया। राष्ट्रीय नाट्य समारोह ‘संकल्प रंगोत्सव’ का समापन रविवार की रात हुआ। संकल्प संस्थान की 15वीं वर्षगाठ पर कलेक्ट्रेट के डमा हाल में आयोजित इस कार्यक्रम के समापन पर दो नाटकों ‘पतझड़’ और भिखारी ठाकुर कृत ‘बेटी बेचवा’ का मंचन किया गया।
कोलकाता के लिटिल थेस्पियन ग्रुप की ओर से एसएम अजहर के निर्देशन में पतझड़ नाटक का कलाकारों ने जीवंत मंचन किया। यह नाटक टेनेसी विलियम्स की द ग्लास मैनेजरी पर आधारित एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसमें परिवार का मुखिया जिम्मेदारियों से विमुख हो जाता है। उसका असर उसके बेटे पर पड़ता है। वह घर में रहकर भी वह घर की जिम्मेदारियों को नहीं समझता। मां पूरे परिवार को जोड़ने की कोशिश करती है। उसकी एक बेटी है जो चाहती है कि स्थापित हो जाए, लेकिन अपाहिज होने के कारण उसे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मां के सामने पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ जाती है और वह तमाम परिस्थितियों से जूझती है। नाटक में मुख्य भूमिका वरिष्ठ रंगकर्मी उमा झुनझुनवाला की रही। संवाद अदायगी और देह भाषा कमाल की रही । इसके अलावा इंदीवर प्रधान, हिना परवेज, यामिनी प्रधान ,अमर्त्य भट्टाचार्य , सुवन पार सेन की भी भूमिका सराहनीय रही।
संकल्प के कलाकारों ने भिखारी ठाकुर की कृति ‘बेटी बेचवा’ का मंचन किया। नाटक में एक बेटी के दर्द को मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक उस दौर में लिखा गया था जब धन के अभाव में लोग अपनी बेटियों को बेचते थे। आज दहेज और लड़कियों के प्रति भेदभाव से भरे सामाजिक ताने-बाने में नाटक उतना ही प्रासंगिक है। अपने अभिनय से सोनी, ट्विंकल गुप्ता, आनंद कुमार चौहान, अर्जुन रावत ने लोगों को आकर्षित किया। इसके साथ पुष्पा, प्रकृति, संस्कृति, शालू, सलोनी, पासवान, अखिलेश कुमार मौर्या, राहुल, अभिषेक, दीपक, प्रकाश, हरिकेश, विशाल, अभिषेक पासवान, राहुल, विवेक की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही।
नाटक को संगीत से संवारा शैलेंद्र कुमार मिश्र ने पार्श्व गायन बिट्टू ने किया। जबकि उनके सहयोगी के रुप में कृष्ण कुमार यादव मिट्ठू और शैलेंद्र शर्मा की थी। ध्वनि और प्रकाश की व्यवस्था राकेश विक्रम सिंह ने संभाली। इस मौके पर सुप्रसिद्ध चित्रकार राजेंद्र गर्ग, डॉ अमरनाथ पासवान, प्रोफेसर यशवंत सिंह, श्री राम जी तिवारी ,शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. कदम्बिनी सिंह, समीर पांडेय, अजय पांडेय, संतोष सिंह, पंडित ब्रजकिशोर त्रिवेदी, मोहन श्रीवास्तव, शैलेश सिंह, कौशल कुमार उपाध्याय, डॉ इफ़तेखार खान ,डॉ राजेंद्र भारती, डा भवतोष पांडेय, भानू प्रकाश सिंह, डा. अशोक कंचन जमालपुरी आदि मौजूद रहे।
पांच विभूतियों को दिया गया संकल्प सम्मान
बलिया। संकल्प संस्था की ओर से समारोह में पांच विभूतियों को संकल्प सम्मान से सम्मानित किया गया। ये पांचों विभूतियां बलिया की हैं। यह सम्मान सुप्रसिद्ध उपन्यासकार सत्य व्यास को दिया गया जो मूलत: रुद्रपुर गायघाट के विवासी हैं और उड़ीसा में रहते हैं। इनके चार उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं जिसमें बागी बलिया प्रमुख है। सुप्रसिद्ध फिल्मी गीतकार डॉ. सागर को भी सम्मान दिया गया। वे सागर कंकरीट गांव के रहने वाले हैं और मुंबई में रहते हैं। अब तक 25 फिल्में रिलीज हो चुकी है,जिसमें उन्होंने गीत लिखा है। युवा कवि अदनान कफ़ील दरवेश को भी संकल्प सम्मान से सम्मानित किया गया। अदनान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। भारत भूषण सम्मान और वेणुगोपाल सम्मान मिल चुका है। केदारनाथ सिंह की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले अदनान बहुत ही सशक्त कवि हैं। सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रतसड़ की प्रधान सुश्री स्मृति सिंह को संकल्प सम्मान दिया गया। युवा रंगकर्मी सोनी को भी यह सम्मान दिया गया। सोनी पिछले छह वर्षों से रंग मंच पर लगातार सक्रिय है। मुख्य अतिथि रसड़ा एसडीएम विपिन जैन आईएएस ने सभी सम्मानित विभूतियों को बुके और सम्मान पत्र दिया।