घाघरा की उफनती लहरें इलाके में कहर बरपाने को आतुर हैं। लाल निशान से दस सेमी ऊपर बह रही नदी का जलस्तर फिलहाल शुक्रवार को स्थिर हो गया, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। तटवर्ती ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के जेई धीरेंद्र यादव ने बताया कि शुक्रवार को प्रात: जलस्तर 64.100 मीटर पर स्थिर हो गया, जबकि लाल निशान 64.010 है। आयोग ने अगले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में स्थिरता से बाढ़ की संभावना टल गई है।
तुर्तीपार और हाहानाला रेग्यूलेटरों के फाटकों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। मुजौना ग्राम के समाने देवरिया बलिया मार्ग से सटकर नदी का पानी बह रहा है। खैराखास क्षेत्र में फसलें पानी में डूब गई है। बेल्थराबाजार स्थित गौतम बुद्ध घाट के मंदिर से सटकर पानी बह रहा है। एसडीएम अरविंद कुमार राय ने तटवर्ती गांव चैनपुर गुलौरा, टंगुनिया, तुर्तीपार, बेल्थराबाजार, हल्दीरामपुर आदि क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बताया कि बाढ़ की संभावना नहीं के बराबर है।
सहतवार संवाददाता के अनुसार घाघरा में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से टीएस बंधे से उस पार रहे दर्जनों गांव के लोगों की नींद उड़ गई है।
चाँदपुर सिंचाई विभाग के आफिस के पास लगा गेज पर घाघरा नदी 58- 68 सेमी है यानी ख़तरे के निशान से घाघरा 68 सेमी ऊपर बह रही है। पानी अब कोलनाला को भरकर चितविसाँव टीएस बंधे से सटकर कोलकला बिंद बस्ती रेगहा चकविलियन, दियराभागर रामपुर नम्बरी, चांदपुर पुरानी बस्ती आदि गांवों को घेरना शुरू कर दिया है।