लाभार्थी और आशा बहुओं ने परिवार नियोजन के लिए कराई जाने वाली नसबंदी पर एक हजार वसूली करने का आरोप लगाया है। मुरली छपरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅक्टर देवनीति सिंह को पत्रक देकर आशा बहुओं ने सीएचसी सोनबरसा पर एक नसबंदी पर एक हजार वसूली का आरोप लगाया। डॉ. सिंह ने तुरंत ही मामले से सीएमओ को अवगत कराते हुए कार्रवाई की संस्तुति की।
मंगलवार को मुरली छपरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी में रोगी देख रहे थे। लगभग आधा दर्जन महिलाओं के साथ आशा बहुएं पहुंचीं। बताया कि हमलोग नसबंदी के लिए सीएचसी सोनबरसा गए थे। ये कहकर भेज दिया गया कि एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा, तब अगले दिन नसबंदी होगी। साथ ही संसार टोला निवासी रीना देवी पत्नी कमलेश पांडेय, रंभा देवी पत्नी रंजन यादव व टोला सीवन राय निवासी संजू देवी पत्नी परोजन यादव तथा बयासी निवासी इंदु देवी पत्नी लालजी यादव ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर 300 रुपये तथा दवा के लिए 700 रुपये के साथ ही डॉक्टर के करीबी एक व्यक्ति द्वारा 150 रुपये फीस के नाम पर लिए गए। कहा कि सभी से इतना पैसा वसूला जाता है तब नसबंदी होती है। अन्यथा कह दिया जाता है कि किट नहीं है, आज नहीं होगा। प्रत्येक सप्ताह मुरलीछपरा से 10 से 15 महिलाएं नसबंदी के लिए आती हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. देवनीति सिंह ने बताया कि नसबंदी के जांच से संबंधित सभी किट पीएचसी, सीएचसी पर उपलब्ध है। इसमें कोई जांच बाहर से नहीं होती है। साथ ही बताया कि शासन से नसबंदी के लिए प्रति लाभार्थी 2800 रुपये खर्च के लिए आता है। इसमें 2000 रुपये लाभार्थी को, 300 रुपये आशा बहू को, 200 रुपये सर्जन को व 50 रुपये सहायक के साथ अन्य खर्च किया जाता है। लाभार्थी से एक रुपये भी खर्च नहीं लेना होता है। आज शिकायत मिली है। सीएमओ को अवगत करा दिया गया है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए आग्रह करूंगा।
नसबंदी राष्ट्रीय कार्यक्रम है। यदि इसमें वसूली की गई है तो मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. विजयपति द्विवेदी, सीएमओ