नवयुवक मंगल दल क्रांति कमेटी भरसर द्वारा बनाया जा रहा करीब 50 फीट का रावण का पुतला।संवाद
बलिया। विजयदशमी पर रावण दहन के लिए शहर से लेकर गांवों तक तैयारियां तेज हो गई हैं। कहीं 50 फीट तो कहीं 20 से 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों को आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात जुटे हैं।
इस बार आयोजकों का जोर आतिशबाजी के साथ प्रदूषण कम करने पर भी है। इसके लिए ग्रीन पटाखों और कम प्रदूषण वाले इंतजामों को प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के शुभनगर स्थित रामलीला मैदान में रामलीला कमेटी की ओर से करीब 25 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार कराया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष दीपक केशरी ने बताया कि पुतला बनाने में 10 से 12 से अधिक कारीगर लगे हैं। इसके निर्माण पर करीब 30 से 40 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। पुतले में पुआल और बांस के इस्तेमाल के साथ ग्रीन पटाखे लगाए जाएंगे, ताकि दहन के दौरान प्रदूषण कम से कम हो।
इसी तरह शहर के कदम चौराहा पर भी रावण दहन की तैयारी चल रही है। रामलीला समिति के सियाराम यादव ने बताया कि स्थानीय युवक पुतला तैयार करने में जुटे हैं। यहां करीब 20 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है, जिस पर लगभग 25 से 35 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। आयोजकों की कोशिश है कि रावण दहन की परंपरा निभाने के साथ पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी कम किया जाए।
25 हजार के लगेंगे पटाखे
दुबहर। क्षेत्र के भरसर बाजार और अड़रा सहित विभिन्न गांवों में भी विजयादशमी को लेकर उत्साह है। भरसर बाजार स्थित प्रतिमा स्थल परिसर में नवयुवक मंगल दल क्रांति कमेटी के सदस्य करीब 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कमेटी के अध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि भरसर गांव में करीब 60 वर्षों से मां भगवती की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। इसी परंपरा के क्रम में पिछले लगभग 10 वर्षों से दशहरे पर रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार पुतला बनाने में करीब 90 बांस और पांच किलोग्राम लोहे के तार का इस्तेमाल किया जा रहा है। रावण के मुकुट, कुंडल और सिर पर रंग-बिरंगी रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी। पुतले में करीब 20 से 25 हजार रुपये के ग्रीन पटाखे लगाए जाएंगे। इसके निर्माण पर कुल 80 हजार रुपये के आसपास खर्च आने का अनुमान है।