रसड़ा दी किसान सरकारी चीनी मिल को कैबिनेट ने चालू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसको लेकर क्षेत्र के किसानों और कारोबारियों के साथ चीनी मिल के कर्मचारियों में भी खुशी है। उनका कहना है कि यदि चीनी मिल फिर से चालू हो जाता है तो एक बार फिर किसानों के साथ ही क्षेत्र में खुशहाली आएगी। चीनी मिल चालू करने की घोषणा से खुश क्षेत्र के सपाजनों ने नगर के प्यारेलाल चौराहे पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
संवरा निवासी किसान अंजली सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने आज जो फैसला लिया है, इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा हम किसानों ने निराश होकर गन्ना बोना छोड़ दिया था। लेकिन ये जो फैसला प्रदेश सरकार ने लिया है, उससे क्षेत्र में खुशी की लहर है। हजौली गांव निवासी किसान परशुराम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहले ही मिल को चालू कराने की बात कही थी।
अब उसे चालू कराने के लिए कैबिनेट में पास कर किसानों के हित में निर्णय लिया है। मिल चालू होने से किसानों के साथ ही क्षेत्र में भी खुशहाली आएगी। छिबबी के ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री को हम बार-बार बधाई देते हैं। इससे पहले भी राजनीतिक दलों ने चीनी मिल को चालू करने की बात कही थी। लेकिन अब तक किसी ने इसे चालू नहीं करा पाया।
इस मिल के चालू होने से निवाले के लिए तरस रहे किसानों के साथ ही आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। सुलूई निवासी शिवजी सिंह ने कहा कि किसानों के लिए आज खुशी का दिन है प्रदेश सरकार के लिए रसड़ा चीनी मिल चालू कराना एक टेढ़ी खीर था। लेकिन सरकार ने काफी प्रयास के बाद सोमवार को कैबिनेट से रसड़ा चीनी मिल चालू कराने के लिए प्रस्ताव पास करा लिया।
सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में बड़ा निर्णय है। भदौरा निवासी हरिहर सिंह का कहना है कि क्षेत्र के किसानों के लिए आज सबसे बड़ा खुशी का दिन है, किसानों के लिए प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री की करनी और कथनी में अंतर नहीं है जो कहा वह करके दिखा दिया कि सपा ही असली किसानों की हितैषी सपा सरकार है।
कॉटन मिल चीनी मिल मजदूर नेता जय प्रकाश वर्मा उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास की बात करती है लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया लेकिन आज मजदूरों को उसका हक युवा मुख्यमंत्री ने दिया है। आज मजदूर दीपावाली मनाएंगे इसके लिए मुख्यमंत्री को कोटि-कोटि धन्यवाद।
सनातन पांडेय, दर्जा प्राप्त मंत्री एवं पूर्व विधायक, रसड़ा ने कहा यह तो प्रदेश सरकार का अभी ट्रेलर है। जहां 400 से 500 सौ कर्मचारी कितने दिनों से बेरोजगार पड़े हुए थे। आज मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट में चीनी मिल को खुलवाने का प्रस्ताव पास करा कर दिखा दिया। चीनी मिल को पीपीपी मॉडल पर बहुत ही जल्द चलाया जाएगा। इसके चालू होने से किसानों, कर्मचारियों के साथ ही क्षेत्र में खुशहाली आएगी। इसके लिए काफी दिनों से प्रयासरत था। जिसके परिणाम स्वरूप सरकार ने यह निर्णय लिया है। जल्द ही बंद पड़ी कॉटन मिल को भी चलाने के लिए दबाव डाला जाएगा
उमाशंकर सिंह, बसपा विधायक रसड़ा ने कहा विधानसभा में रसड़ा दी किसान सहकारी चीनी मिल को चालू करने के लिए दो साल पहले आवाज उठाई थी। इसे चालू करने में सपा सरकार ने काफी देर किया । साथ ही इस मिल को सरकार द्वारा नहीं चलाया जाएगा, बल्कि पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा। जिसका परिणाम आगे किसानों के हित में नहीं होगा। किसानों के गन्ने के धन के भुगतान में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को पूरी तरह से सरकारी धन से रसड़ा चीनी मिल को आजमगढ़ चीनी मिल के तर्ज पर चलाना चाहिए था।