तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में पानी में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा होने के कारण पानी दूषित हो गया है और इसके मद्देनजर क्षेत्र में आरओ का पानी खूब बिक रहा है। यह धीरे-धीरे क्षेत्र में उद्योग का रूप लेता जा रहा है। लोग तो पानी को शुद्ध समझकर खरीद रहे हैं। लेकिन इसकी गारंटी देने वाला कोई नहीं है कि पानी शुद्ध ही है। किसी के पानी के सैंपल की जांच जल निगम द्वारा नहीं की गई है।
बैरिया तहसील दो नदियों के बीच बसे होने के कारण पानी दूषित एवं आर्सेनिकयुक्त हो गया है। जिसके कारण गावों में पीने का पानी खरीदकर पीने का प्रचलन बढ़ गया है। साथ ही रेलवे स्टेशनों पर सरकार रेलनीर ट्रेड मार्का पानी की बोतल बेचने का फरमान जारी किया है। लेकिन सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के साथ ही कई स्टेशनों पर लोकल पानी की बोतल बेची जा रही है। मजबूर यात्री करें तो क्या करे अपनी प्यास बुझाने के आगे वे पानी को खरीद लेते हैं।
गांवों मे आरओ का पानी पीने का चलन बढने के कारण पानी को बेचने के लिये भी व्यवसायियों की नजर भी इस उद्योग पर है। जिससे दिन प्रतिदिन आरओ प्लांट खुल रहा है।
यहां तक कि पानी का 20 लीटर वाला जार घर पहुंचा कर प्रति जार 20 से 25 रुपये लिये जा रहे है। चट्टी चौराहा व रेलवे स्टेशनों पर भी लोकल पानी की बोतल बेची जा रही है।