बलिया। सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की खराब रैंकिंग को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। विकास कार्यों के निर्माण में जिले के श्रेणी बी मिलने पर कार्यदाई संस्थाओं को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
खराब प्रगति वाली संस्थाओं के एक्सईएन को बुलाकर जवाबदेही तय करने को कहा। राज्य सेतु निगम और पुलिस आवास निगम लिमिटेड के कार्यों की प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराने के निर्देश दिए। बिना अनुमति अनुपस्थित मिले नलकूप विभाग के एक्सईएन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने उनका वेतन काटने को कहा। साथ ही सभी अधिकारियों को बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और अपने विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी करने की हिदायत दी।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं और विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिन विभागों की रैंकिंग ए श्रेणी में नहीं है, उनकी प्रगति की सप्ताह में तीन दिन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा में फैमिली आईडी की रैंकिंग सी और जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग डी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ को योजनाओं की प्रभावी निगरानी कर रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। पोषण अभियान की रैंकिंग भी कम मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तेजी से काम कर इसे ए श्रेणी में लाने को कहा।
पर्यटन विभाग की प्रगति बेहद कम मिलने पर भी डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। बलिया-गाजीपुर से तुर्तीपार मार्ग के चैनेज के मध्य फोरलेन चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण का कार्य समय से पूरा कराने तथा मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, नगर क्षेत्र का निर्माण तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए।
आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण की धीमी रफ्तार पर डीएम ने विशेष सख्ती दिखाई। उन्होंने मैनपावर बढ़ाकर काम की गति तेज करने और निर्माण को मिशन मोड में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की लगातार निगरानी हो और जहां प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, एडीएम अनिल कुमार समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।