अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर चहुंओर धूम मची है। घर-घर जाकर लोगों को इस पवित्र समय का साक्षी बनने के लिए निमंत्रण बांटे जा रहे हैं। आजीवन रामसखा के रूप में राम जन्मभूमि के मुकदमे के पैरोकार रहे विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता स्व. त्रिलोकी नाथ पांडेय का परिवार भी इस क्षण को लेकर काफी उत्साहित है। रामसखा का सपना साकार होने जा रहा है। फिलहाल दिल्ली में रह रहे रामसखा के परिजनों को इस क्षण का साक्षी बनने के लिए निमंत्रण पहुंचने का इंतजार है।
रामसखा स्व. त्रिलोकी नाथ पांडेय के पुत्र अमित पांडेय ने बताया कि फोन पर उनसे पते आदि की जानकारी ली गई थी। जल्द निमंत्रण आने की उम्मीद है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पिता का सपना साकार हो रहा है। हालांकि इस बात पर मलाल भी जताया कि रामसखा के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। दया छपरा गांव निवासी स्व. त्रिलोकी पांडेय 1963 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। 1964 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक बन गए थे। अशोक सिंघल के प्रेरणा से 1982 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़ गए। यहां उन्हें धर्म जागरण व संस्कृति योजना का प्रदेश संयोजक का दायित्व सौंपा गया। एक वर्ष बाद 1983 में विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री के रूप में सक्रिय हो गए। जब तक अशोक सिंघल जीवित थे स्व. पांडेय को विशेष स्नेह प्राप्त था। राम मंदिर मुकदमे के क्रम में आजीवन पर्यंत उन्हें रामसखा बनाया गया और वह आंदोलन तथा मुकदमे से जुड़ कर पैरवी करते रहे। 2019 तक राम सखा के रूप में श्रीराम मंदिर के पक्षकार भी थे। 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णय आने के बाद गोरक्ष पीठ के महंत अवैद्यनाथ ने उनकी पीठ थपथपाई थी। उनकी धर्मपत्नी किमला देवी से यह पूछने पर कि अगर निमंत्रण मिला तो क्या आप श्रीराम प्रभु के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम विजय के साथ यह मेरे पति की भी विजय है। वह श्रीराम के आजीवन पक्षकार थे। अगर निमंत्रण मिला तो मेरा पूरा परिवार इस आयोजन में शामिल होगा। उधर, उनके साथ रह कर कार सेवा में भाग लेने वाले अखिलेश कुमार पांडेय, अनिल पांडेय, रामायण, धर्मदेव सिंह इत्यादि इस प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण का वितरण उत्साह व भावावेश के साथ कर रहे हैं।
घर पूजित अक्षत का वितरण
चिलकहर/रामगढ़/रसड़ा। अयोध्या से आया पूजित अक्षत के साथ कुरेजी ग्राम सभा में राम भक्तों ने पूरे गांव का भ्रमण किया। घर पूजित अक्षत का वितरण किया। कहा कि 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन सभी लोग अपने घरों में दीपक जलाएं तथा आसपास के मंदिरों में भी दीप जलाकर भगवान राम के उत्सव को मनाएं। अवनीश कुमार सिंह, कमलकांत सिंह, मंगला सिंह, अनिल सिंह, राजेश कुमार थे। पियरौटा मंडल में रविवार को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। पचरुखिया, नारायनपुर, दीघार, रामपुर, पियरौटा, दीघारगढ़, मीनापुर, हुकुम छपरा, गंगापुर आदि गांव होते हुए 5 किलोमीटर की यात्रा करते हुए भव्य कलश पुनः मां काली मंदिर के प्रांगण में संपन्न हुई। श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। अंकित कुमार सिंह रवि, ज्ञानेंद्र पाठक, सुमित सिंह, मयंक सिंह राठौर, शिशु सिंह थे। रसड़ा के सुल्तानीपुर स्थित बाबा कालेश्वर नाथ द्वारा स्थापित मां भगवती मंदिर से गांव की 108 माताओं एवं बहनों ने रविवार को भव्य अक्षत कलश यात्रा निकाली। जगदंबा प्रसाद सिंह, अनुज, मार्कंडेय सिंह, अनुराग सिंह, पारस नाथ सिंह, दुर्गविजय सिंह, श्रीप्रकाश नारायण सिंह थे।