रामगढ़ में बाढ़ से हालात। तेजी से बढ़ती गंगा ने शुरू किया कटान।
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रामगढ़। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश व हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते गंगा ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गंगा के मुहाने पर बना जूनियर हाईस्कूल सुघरछपरा का आधा हिस्सा सोमवार की सुबह गंगा की लहरों में समा गया। जिसके चलते शिक्षकों ने स्कूल में रखे कागजात व सामानों को सुरक्षित स्थान पर रख दिया है। उधर, केहरपुर के लोगों में भी अफरा-तफरी मची हुई है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार सोमवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 57.470 मी. दर्ज किया गया। गंगा में प्रति घंटे छह सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। गंगा खतरे के निशान 57.610 को छूने को आतुर है। अगर गंगा में इसी गति से बढ़ाव जारी रहा तो दो घंटे में गंगा डेंजर लेवल को पार कर सकती है।
केहरपुर निवासी बिरजू ओझा का कहना है कि अब तक सांसद से लेकर विधायक तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सबने केवल आश्वासन दिया। केहरपुर निवासी पप्पू ओझा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते केहरपुर की सुरक्षा को बना 28 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तकनीकी सलाहकार समिति लखनऊ से खारिज हो गया। संजय मिश्रा का कहना है कि हर साल गंगा की धारा ने कईयों के आशियाने उजाड़े तो कईयों की भूमि को अपने में समा लिया। इसके बावजूद इसको लेकर जिला प्रशासन व शासन उदासीन बना हुआ है।
पानी से 30 एकड़ में लगी फसल बर्बाद
रामगढ़। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा का पानी खेतों में पहुंचने लगा है और फसलें बर्बाद होनी शुरू हो गई हैं। पानी से खेतों में मौजूद परवल, लौकी, मक्का आदि की फसल बर्बाद हो गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सुघर छपरा, चौबे छपरा, रामगढ़, गंगापुर, पचरुखिया, मझौवा, धर्मपुरा, गरया, शुक्ल छपरा, बेलहरी आदि तटवर्ती दियारे में पानी पहुंचने से अब तक 30 एकड़ खड़ी फसल बर्बाद हो गई है।