जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम देश की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के प्रतीक हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धन की सुरक्षा और उसके उचित उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारियों की है। यदि दानराशि के प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार के सवाल उठते हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, जिससे लोगों का विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि 420 रुपये का सांकेतिक भिक्षाटन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जनता की भावनाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम है। इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि जनता की आस्था, धन और विश्वास किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। यदि कहीं भी धन के दुरुपयोग या अनियमितता की आशंका है तो उसकी स्वतंत्र जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम में अरमान खान, अवधेश मौर्या, रीता भारती, हैदर, शैरून, रिजवाना, नूर सबा सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर दान प्रकरण की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था की मांग दोहराई।