विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी
बलिया। खाद, बीज, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस व सीएनजी के संकट और महंगाई तथा श्रमिकों, किसानों की समस्याओं के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके दौरान सभा भी की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि युद्ध का बहाना लेकर सरकार और कंपनियां उपभोक्ताओं को ठग रही हैं।
आए दिन डीजल, पेट्रोल, सीएनजी तथा रसोई गैस के दाम किस्तों में बढ़ रहे हैं। इसके प्रभाव से माल ढुलाई और किराया महंगा हो रहा है। इससे तमाम आयातित चीजें महंगी होती जा रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि इरान के साथ अमेरिका के युद्ध को ढाल बनाकर सरकार काम कर रही है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील करके सरकार ने यहां की खेती तथा किसानों को गुलाम बनाया है। अनाज, कपास, दालें, दूध, मक्का आदि यदि अमेरिका से आएगा तो भारत के किसानों की फसलों को कौन खरीदेगा। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। मांग की गई कि किसानों की फसलों की खरीद के लिए एमएसपी क़ानून बनाया जाए। बिजली निगम का निजीकरण वापस किया जाए। स्मार्ट मीटर योजना रद्द की जाए। चार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए। कार्यक्रम में 12 संगठनों के लोग शामिल हुए। इसमें दो ट्रेड यूनियन भी शामिल थीं। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक परमात्मा नंद राय, लक्ष्मण पांडे, जनार्दन सिंह, रघुबंस उपाध्याय, बलवंत यादव, सुरजीत कुमार श्रीवास्तव आदि रहे।